लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर नया विवाद सामने आया है। उनकी पत्नी गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं किए जाने और नियमित डॉक्टरों को मिलने से रोकने का भी आरोप लगाया गया है।
पत्नी ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को लिखा पत्र
गीतांजलि डी. अंगमो ने सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र भेजकर सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का अनुरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल जांच रिपोर्ट की डिजिटल और हार्ड कॉपी उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया। इसके अलावा पिछले 20 दिनों से वांगचुक की निगरानी कर रहे नियमित डॉक्टरों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
पोटेशियम लेवल में गिरावट पर परिवार की चिंता
पत्र के अनुसार, शनिवार सुबह अस्पताल की मेडिकल टीम ने जानकारी दी कि सोनम वांगचुक का पोटेशियम स्तर घटकर 2.9 रह गया है। जबकि 17 जुलाई की शाम 4:16 बजे हुई जांच में यही स्तर 4.3 दर्ज किया गया था। इतनी कम अवधि में आई इस गिरावट को लेकर परिवार ने चिंता व्यक्त करते हुए सवाल भी उठाए हैं।
पारदर्शिता की कमी बताकर अस्पताल बदलने की मांग
पत्र में कहा गया है कि मेडिकल जानकारी साझा नहीं किए जाने और उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण परिवार का अस्पताल प्रशासन पर भरोसा कम हुआ है। इसी वजह से बेहतर इलाज और सटीक मेडिकल जांच सुनिश्चित करने के लिए सोनम वांगचुक को दूसरे मेडिकल सेंटर में भर्ती कराने की तैयारी की जा रही है। परिवार ने अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द डिस्चार्ज और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का अनुरोध किया है।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद जंतर-मंतर, अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित की गई।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश, मेडिकल सलाह और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोनम वांगचुक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया था, लेकिन पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। पुलिस ने लाठीचार्ज और बल प्रयोग के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया और न ही किसी के साथ दुर्व्यवहार किया गया। साथ ही प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक जंतर-मंतर खाली करने की अपील भी की गई।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें
