संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के संसद पहुंचने से राजनीतिक हलकों में अचानक चर्चाओं का दौर तेज हो गया। हालांकि, उनके दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गईं, लेकिन बाद में सामने आई जानकारी ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। वहीं, लोकसभा में बुधवार को कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने की तैयारी भी की गई।
संसद पहुंचे अजीत डोभाल, लेकिन नहीं थी कोई विशेष सुरक्षा बैठक
बुधवार को जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल संसद पहुंचे, उस समय लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा चल रही थी। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई थी।
अजीत डोभाल के संसद पहुंचते ही यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं वे किसी महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दे या संवेदनशील मामले पर मंत्रियों के साथ बैठक करने तो नहीं आए हैं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उनका यह दौरा पूरी तरह नियमित (रूटीन) था और इसका किसी विशेष सुरक्षा इनपुट या आपात बैठक से कोई संबंध नहीं था।
लोकसभा में इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर होगी चर्चा
लोकसभा की संशोधित कार्यसूची के अनुसार बुधवार को कई अहम विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा संशोधन विधेयक शामिल हैं।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए बदलेंगे नियम
प्रस्तावित संशोधन के तहत यदि किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण एक से दो वर्ष की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
वहीं, यदि पंजीकरण दो वर्ष से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही उसका पंजीकरण संभव होगा। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही देशभर के जन्म और मृत्यु संबंधी रिकॉर्ड को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से जोड़ा जाएगा।
आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड और पासपोर्ट से जुड़ेगा डेटा
नई व्यवस्था के तहत केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस को आधार, मतदाता सूची, राशन कार्ड और पासपोर्ट जैसे प्रमुख सरकारी दस्तावेजों से भी लिंक किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड का सत्यापन अधिक आसान होगा और सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी दौरान लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर भी चर्चा जारी रहेगी और सरकार इसे सदन से पारित कराने का प्रयास करेगी।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला संशोधन भी होगा पेश
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक को चर्चा और पारित कराने के लिए लोकसभा में प्रस्तुत करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य न्यायपालिका में लंबित मामलों का बोझ कम करना और मामलों के शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया को गति देना है।
अमित शाह पेश करेंगे जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और डिजिटल बनाना है, ताकि रिकॉर्ड प्रबंधन को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाया जा सके।
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