प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री यहां से 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे। इस दौरान उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
Gen Z को सीधा संदेश, विपक्ष पर निशाना
पीएम मोदी ने Gen Z को संबोधित करते हुए कहा, “नौजवान सुन लीजिए, 7-8 सालों में एक किलोमीटर फ्रेट कॉरिडोर पर काम नहीं हो पाया था। उनके हिसाब से देश चलाते तो आपके बाद भी 3-4 पीढ़ियां आतीं और काम नहीं हो पाता।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब ‘नाराज फूफा जी’ को काम मिल गया है और बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच पाएगा।
2004 में शुरू हुआ था विचार
पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। उस समय कई नौजवानों का जन्म भी नहीं हुआ होगा। 2006 में काम के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई, लेकिन 2014 तक फाइलें यहां से वहां होती रहीं। उन्होंने कहा कि फाइलें अटकती, लटकती और भटकती रहीं।
रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी गिनाईं उपलब्धियां
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में लोगों ने उन्हें गुजरात से निकालकर दिल्ली भेज दिया। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है, जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्र भी इस परियोजना के जरिए रेल से जुड़ रहे हैं।
2800 किलोमीटर से अधिक कॉरिडोर पूरा
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और साल भर उसका ढोल पीटा जाता था, जबकि आज साल भर में एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं और 2800 किलोमीटर से अधिक का प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। पीएम ने इसे 21वीं सदी के भारत के लिए ऐतिहासिक कार्य बताया।
10 बड़ी बातें
- पीएम मोदी वडोदरा के ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में शामिल हुए।
- 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया।
- पीएम मोदी ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर विपक्ष को घेरा।
- उन्होंने Gen Z को सीधे संबोधित करते हुए अपनी बात रखी।
- पीएम ने कहा कि 7-8 साल में एक किलोमीटर कॉरिडोर पर काम नहीं हुआ था।
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था।
- 2006 में काम के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई थी।
- पीएम के अनुसार, 2014 तक फाइलें यहां से वहां होती रहीं।
- गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्र रेल से जुड़ रहे हैं।
- 2800 किलोमीटर से अधिक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है।
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप






