नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान नदी किनारे बैंक की तिजोरी मिलने और उसमें से नकदी निकालने की कोशिश का मामला सामने आया। इस घटना के बाद सवाल उठता है कि भारत में बाढ़ या आपदा के दौरान मिली नकदी या कीमती सामान को अपने पास रखना कानूनन कितना सही है।
मिली हुई चीज पर मालिकाना हक नहीं
किसी व्यक्ति को रास्ते, नदी किनारे या बाढ़ के पानी में कोई कीमती सामान या नकदी मिल जाए, तो केवल मिल जाने से उस पर उसका मालिकाना हक नहीं बन जाता। हर खोई हुई संपत्ति का कोई न कोई वास्तविक मालिक होता है, चाहे वह बैंक हो या कोई व्यक्ति।
अगर कोई व्यक्ति मिली हुई संपत्ति को असली मालिक या पुलिस को सौंपने के बजाय अपने पास रख लेता है या उसका इस्तेमाल करता है, तो यह कानूनी रूप से अपराध माना जा सकता है।
कौन सी धारा लग सकती है?
भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 314 ऐसे मामलों से जुड़ी है, जब किसी को अनजान संपत्ति या पैसा मिलता है और वह उसे बेईमानी से अपने इस्तेमाल में लेता है। पहले इसी तरह का प्रावधान भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 403 में था, जिसकी जगह अब धारा 314 ने ले ली है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
तिजोरी तोड़कर रकम निकालने पर सख्त कार्रवाई
नेपाल जैसे मामले में तिजोरी को जानबूझकर तोड़कर रकम निकालने की कोशिश भी शामिल थी। ऐसी स्थिति में मामला सिर्फ मिली हुई संपत्ति को हड़पने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि चोरी के प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।
बीएनएस की धारा 303 चोरी को परिभाषित करती है। इसके तहत दोषी को तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बंद जगह, तिजोरी या घर से जुड़ी चोरी में सजा सात साल तक जा सकती है।
बाढ़ में कीमती सामान मिले तो क्या करें?
बाढ़ या किसी दूसरी आपदा में बहकर आई नकदी, कीमती वस्तु या बैंक से जुड़ा सामान मिलने पर उसे अपने पास रखने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देकर सौंपना चाहिए। इससे कानूनी कार्रवाई से बचने और संपत्ति को उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
10 प्वाइंट में समझें पूरी खबर
- नेपाल में बाढ़ के दौरान बैंक की तिजोरी नदी किनारे बह आई।
- तिजोरी में भारी नकदी मौजूद थी।
- कुछ लोगों ने तिजोरी तोड़कर रुपये निकालने की कोशिश की।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को गिरफ्तार किया।
- पुलिस ने लाखों रुपये बरामद किए।
- भारत में मिली हुई संपत्ति पर अपने-आप मालिकाना हक नहीं मिलता।
- बीएनएस की धारा 314 ऐसे मामलों से जुड़ी है।
- धारा 314 में दो साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
- बीएनएस की धारा 303 चोरी से संबंधित है।
- आपदा में मिली कीमती वस्तु या नकदी पुलिस को सौंपना चाहिए।
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