खबर संसार देहरादून.देहरादून में बादल और कोंग्रेसी दोनों गरजे जी हा उत्तराखंड में हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है। इसी मुद्दे को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। कांग्रेस के कार्यकर्ता और बड़े नेता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास से काफी दूर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर सभी नेताओं को रोक लिया।
देहरादून में बादल और कोंग्रेसी दोनों गरजे
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पुलिस द्वारा रोके जाने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने वहीं सड़क पर बैठकर धरना दिया और भाजपा सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए।कांग्रेस की दो मुख्य मांग हैं जिसमें हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रैली स्थल पर जिन लोगों ने शुद्धिकरण किया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और FIR दर्ज हो। दूसरा, राहुल गांधी के ऊपर SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे को वापस लिया जाए। लोकतंत्र में हमेशा इस बात का प्रयास होता है कि जो सत्ता में हैं, वो अपना दायित्व निभाएं। विपक्ष का काम है सरकार को आइना दिखाना, और आज हम वही कर रहे हैं। लेकिन आज राजनीतिक मुद्दे की बात कोई नहीं करता। असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से कहा कि आप लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, आपका भी दायित्व बनता है, आपको भी देखना चाहिए। हम भाजपा से हर उस कृत्य का विरोध करेंगे जो राज्य सरकार इस सूबे के अंदर कर रही है। ये सरकार सैनिकों के बलिदान का भी सम्मान नहीं कर रही। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आजादी के बाद खुशीराम जी, नेहरू, पंत, शास्त्री और एनडी तिवारी ने जनेऊ आंदोलन और सहभोज कर जातीय वैमनस्य खत्म किया, लेकिन भाजपा उस खाई को फिर बढ़ा रही है। सरकार का आचरण किसी भी रूप में कानून के अनुरूप नहीं है और प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर फेल हो चुका है।






