खबर संसार हल्द्वानी.आप करें तो रासलीला, हम करे तो करेक्टर ढीला..नेताओं के पंगे में हमेशा खाकी गिड़गिड़ाती नजर आई, फिर चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस, तभी कहते है नेता बनो, जी हा खाकी से वैसे तो हर कोई डरता है उसकी वर्दी के कारण, वैसे तो कई फिल्में भी बनी है जैसे खाकी वाला……. फिलहाल हल्द्वानी स्तर पर बात करते है इन दिनों यहां सियासी टकराव में पुलिस पर दबाव बनाने में भाजपा और कांग्रेस दोनों पीछे नहीं रहे हैं।
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अपने नेताओं या कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होते ही दोनों दलों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और अधिकारियों को घेरा। फर्क सिर्फ इतना रहा कि जब एक दल पुलिस के खिलाफ खड़ा हुआ तो दूसरा अक्सर पुलिस के समर्थन में नजर आया। इससे सियासी लड़ाई में खाकी कभी आरोपों के घेरे में रही तो कभी राजनीतिक समर्थन का सहारा बनी।8 अगस्त 2026 को कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं द्वारा एसएसपी कार्यालय में हुए हंगामे ने एक बार फिर यही तस्वीर सामने रखी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा में जा रहे वाहनों को रोके जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचे उन्होंने यहाँ हंगामा के साथ ही एसएसपी के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया भले ही गुस्से और आक्रोश में, क्योंकि कुछ पल पर हर किसी को गुस्सा आ सकता है क्योंकि नेताओं को रैली फ्लॉप ना हो जाए का डर लगा भाई जब किसी का कुछ छिनने को होता तो इतना नहीं सोच पाता चलो पुलिस को भी आगे से इस तरह की रैलियां को ध्यान रखने की जरूरत है जनता के लोग कह रहे हैं पुलिस का दोनों दलों के लिए एक जैसा रवैया होना चाहिए अगर उनके भी नेता आ रहे हैं तो सुरक्षा के लिहाज से उनके वाहनों को भी चेक करना चाहिए जैसे कांग्रेस के समय किया, चलिए आप अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं
