जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी, एमके स्टालिन, अरविंद केजरीवाल, अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे ने गिरफ्तारियों पर सवाल उठाए हैं।
जंतर-मंतर विवाद पर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, डीएमके नेता एमके स्टालिन, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी और शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि सरकार गिरफ्तारियों के जरिए विरोध की आवाज को दबा नहीं सकती। इसके बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सभी नेताओं का आभार जताया।
इंडिया गठबंधन, सीजेपी और अन्य विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वे उनके इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने को कायरतापूर्ण कदम बताया। गांधी ने कहा कि अलग-अलग बैनर होने के बावजूद सभी का मकसद एक है और नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने की बात भी कही।
एमके स्टालिन और केजरीवाल ने उठाए सवाल
एमके स्टालिन ने सवाल किया कि सरकार कितने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले सकती है और कितने युवाओं की आवाज दबा सकती है। उन्होंने कहा कि ज्यादा युवाओं को जेल भेजने से आम नागरिक भी सड़कों पर उतरेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध है। उन्होंने इसे बेतुका बताया।
13 अक्टूबर को हिरासत, फिर पांच दिन की न्यायिक हिरासत
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया था। इसके विरोध में 13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका कुछ कार्यकर्ताओं के साथ गेट फांदकर जंतर-मंतर पहुंचे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। अगले दिन सुबह रांका और दास को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अभिषेक बनर्जी और आदित्य ठाकरे का हमला
आदित्य ठाकरे ने कहा कि तिरंगा लहराने के लिए दोनों नेताओं को जेल में डालना सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और युवाओं के बीच संघर्ष बताया। वहीं, अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि खुद को राष्ट्रवादी कहने वाले लोग भारतीयों को तिरंगा लहराने के लिए गिरफ्तार कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़े 10 बड़े अपडेट
- सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तारी पर कांग्रेस, डीएमके, आप, टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
- सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने विपक्षी नेताओं का आभार जताया।
- राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाए।
- राहुल गांधी ने युवाओं को जेल भेजने को कायरतापूर्ण कदम बताया।
- एमके स्टालिन ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत और युवाओं की आवाज दबाने पर सवाल किया।
- अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय ध्वज लहराने को लेकर गिरफ्तारी की आलोचना की।
- दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया था।
- 13 अक्टूबर को रांका और दास गेट फांदकर जंतर-मंतर पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
- मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आदित्य ठाकरे और अभिषेक बनर्जी ने भी सरकार की आलोचना की।
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