अगर आप सोने में निवेश करने या दिवाली के त्योहार पर गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कीमतों में आई बड़ी गिरावट आपके लिए अहम है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव अपने रिकॉर्ड स्तर से 38,600 रुपये से ज्यादा नीचे आ चुका है। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई और क्या दिवाली 2026 से पहले सोना फिर महंगा हो सकता है?
सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और कच्चे तेल की कीमतों का असर पड़ता है। इसके अलावा, रिकॉर्ड तेजी के बाद हुई मुनाफावसूली ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
सोने की कीमतों में गिरावट की क्या हैं वजहें?
सोने के भाव में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। कीमतें तेजी से बढ़ने पर निवेशक मुनाफा कमाने के लिए सोना बेचने लगते हैं, जिससे बिकवाली बढ़ती है। वहीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो सकता है और मांग पर दबाव पड़ सकता है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की चिंता से अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है। ऊंची ब्याज दरें सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकती हैं। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में कमजोरी के कारण कुछ निवेशकों की बिकवाली ने भी सोने को प्रभावित किया।
रिकॉर्ड हाई से कितना नीचे आया सोना?
MCX पर सोने ने 29 जनवरी 2026 को 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। इसके बाद शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गोल्ड फ्यूचर्स 1,42,024 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह कीमत 38,755 रुपये यानी करीब 21.43% नीचे आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इस सप्ताह सोने की कीमतों में करीब 4% की गिरावट आई और भाव 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर से नीचे चला गया। चांदी की कीमतों पर भी भारी दबाव रहा।
दिवाली 2026 से पहले क्या फिर महंगा होगा सोना?
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, MCX पर 1,40,000 रुपये का स्तर सोने के लिए अहम सपोर्ट है। कीमतें इस स्तर से ऊपर बनी रहती हैं, तो दिवाली से पहले 1,48,000 से 1,52,000 रुपये तक रिकवरी संभव है। वहीं, 1,40,000 रुपये से नीचे आने पर भाव 1,36,000 से 1,38,000 रुपये तक गिर सकता है।
सोने से जुड़ी 10 अहम बातें
- रिकॉर्ड स्तर: 29 जनवरी 2026 को सोना 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था।
- मौजूदा भाव: शुक्रवार के कारोबारी सत्र में गोल्ड फ्यूचर्स 1,42,024 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
- कुल गिरावट: रिकॉर्ड हाई से सोना 38,755 रुपये नीचे आया।
- प्रतिशत में गिरावट: सोने की कीमत करीब 21.43% गिरी।
- मुनाफावसूली: निवेशकों की बिकवाली ने कीमतों पर दबाव बढ़ाया।
- डॉलर का असर: अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
- ब्याज दरें: अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की कमजोर उम्मीद भी दबाव की वजह है।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार: इस सप्ताह सोने में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई।
- अहम सपोर्ट: एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, 1,40,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण है।
दिवाली का अनुमान: तेजी आने पर 1,48,000 से 1,52,000 रुपये तक रिकवरी संभव है, जबकि गिरावट बढ़ने पर भाव 1,36,000 से 1,38,000 रुपये तक जा सकता है।






