उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में नामों की विवादित प्रविष्टियों को लेकर उठे सवालों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने माफी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणियों की भाषा आधिकारिक संचार के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने भविष्य में शालीन भाषा इस्तेमाल करने की बात कही।
एक्स पर पोस्ट कर मांगी माफी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगी। उन्होंने माना कि उनके पोस्ट में इस्तेमाल की गई भाषा और टिप्पणियों का तीखा अंदाज आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार के अनुरूप नहीं था।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘इस हैंडल के उद्धृत पोस्ट में टिप्पणियों की भाषा के स्तर और भाव और इनकी तीखी प्रकृति इस आधिकारिक हैंडल से अपेक्षित संचार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। पोस्ट में टिप्पणियों से उत्पन्न वास्तविक आक्रोश को अच्छी तरह से नोट किया गया है। हम इससे अचंभित और नाराज़ लोगों से ईमानदारी से माफी मांगते हैं। अब से हमारा संचार शालीन और औपचारिक होगा।’
क्या है उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का पूरा मामला?
हाल ही में MLC चुनाव की वोटर लिस्ट में कुछ नामों की प्रविष्टियों में गड़बड़ी सामने आई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। विपक्षी नेताओं ने भी इन गड़बड़ियों पर सवाल उठाए और तकनीकी कमियों तथा डेटा एंट्री में हुई लापरवाहियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
26 अक्टूबर को CEO ने दिया था स्पष्टीकरण
26 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची में हुई गड़बड़ियों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सूची में ‘राम ने शर्मा को मारा’ जैसा नाम भी दर्ज है। उन्होंने टिप्पणी की थी कि यदि राम ने किसी अल्पसंख्यक को मारा होता, तो निर्वाचन आयोग पर जातिवाद के साथ सांप्रदायिकता का भी आरोप लगता।
गलतियों की जांच और कार्रवाई की बात
नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया था कि मतदाता सूची में हुई ऐसी गलतियों के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा था कि कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं होते। अब अपनी टिप्पणियों की भाषा पर माफी मांगते हुए उन्होंने आधिकारिक संचार को शालीन और औपचारिक रखने का आश्वासन दिया है।






