अगर आपको अचानक नकदी की जरूरत पड़ती है तो एटीएम सबसे आसान विकल्प होता है, लेकिन अब देशभर में एटीएम नकदी संकट (ATM Cash Crisis) की स्थिति सामने आ रही है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ATM इंडस्ट्री (CATMi) ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि कई एटीएम ऑपरेटरों को पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं हो रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में ATM Services प्रभावित हो सकती हैं।
मार्च और अप्रैल में दिखी कैश की भारी कमी
CATMi की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च और अप्रैल 2026 के दौरान एटीएम में नकदी भरने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं कराया गया।
मुख्य आंकड़े:
- मार्च में एटीएम के लिए 94,000 करोड़ रुपये की जरूरत थी।
- उपलब्ध कराया गया केवल 61,000 करोड़ रुपये।
- यानी जरूरत का सिर्फ 64 प्रतिशत कैश मिला।
- अप्रैल में भी जरूरत के मुकाबले केवल 54,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश के कई हिस्सों में एटीएम कैश की कमी का सामना कर रहे हैं।
CATMi ने IBA और RBI को भेजी जानकारी
CATMi ने इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) को पत्र लिखकर बताया है कि कई राज्यों में एटीएम में दोबारा नकदी भरने के लिए पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। इसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे अधिक असर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जहां बड़ी संख्या में लोग अभी भी नकद लेनदेन पर निर्भर हैं।
ATM Services पर संकट क्यों बढ़ रहा है?
एटीएम ऑपरेटरों के अनुसार मौजूदा इंटरचेंज फीस उनकी बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
लागत बढ़ने के प्रमुख कारण:
- एटीएम में कैश लोडिंग का बढ़ता खर्च
- ईंधन कीमतों में वृद्धि
- सुरक्षा गार्डों के वेतन में बढ़ोतरी
- कैश ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत
फिलहाल इंटरचेंज फीस 19 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन है, जिसे ऑपरेटर अपर्याप्त मान रहे हैं।
डिजिटल पेमेंट बढ़ने से घटी ATM Transactions
बैंकों द्वारा फ्री लिमिट के बाद प्रति ट्रांजैक्शन शुल्क बढ़ाकर 23 रुपये किए जाने के बाद कई ग्राहक डिजिटल पेमेंट विकल्पों की ओर बढ़े हैं। इसका असर एटीएम उपयोग पर भी देखने को मिला है। रिपोर्ट के अनुसार ATM Transactions में लगभग 10.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
संकट से निपटने के लिए क्या मांग की गई?
CATMi ने बैंकों और RBI के करेंसी मैनेजमेंट विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि एटीएम सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए नकदी की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ATM Services बाधित न हों।
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