खबर संसार। जी हां, आयुर्वेद (Ayurveda) के मुताबिक आपको पीने का पानी मिट्टी या तांबे के बर्तन में रखना चाहिए। जिससे ढेरों गजब के फायदे मिलते हैं। जानकारी के मुताबिक मिट्टी और तांबे के बर्तन में से भी एक को ज्यादा फायदेमंद बताया है। आइए इनके बारे में जानते हैं।
आयुर्वेदिक (Ayurveda) बताते है कि मिट्टी और तांबे के बर्तन में पीने का पानी भरकर रखने और उसे पीने पर ज्यादा फायदा होता है।
मिट्टी के बर्तन में पीने का पानी रखने के फायदे
- मिट्टी के बर्तन में रखा पीने का पानी Balaojaskara होता है। यानी वह ओजस (प्राणशक्ति) और ताकत बढ़ाता है।
- मिट्टी के घड़े में पानी घंटों तक ठंडा और फ्रैश रहता है।
- एसिडिटी और त्वचा संबंधित समस्याएं कम करता है।
- नये मिट्टी के बर्तन से ज्यादा पुराने मिट्टी के बर्तन फायदेमंद होते हैं।
- शरीर में पीएच लेवल संतुलित रखता है।
- पाचन शक्ति बढ़ती है और आप प्रकृति से जुड़े रहते हैं।
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तांबे के बर्तन में पीने का पानी रखने के फायदे
- पाचन शक्ति को काफी तेज करता है।
- आयुर्वेद के मुताबिक, तीनों दोषों को संतुलित करता है।
- ब्लीडिंग डिसऑर्डर आदि में इस्तेमाल ना करें।
- तांबे के बर्तन में गर्म पानी या दूध ना रखें और ना ही इसमें पानी वगैराह गर्म करें।
किस आकार के बर्तन में रखना चाहिए पीने का पानी?
आयुर्वेदिक (Ayurveda) एक्सपर्ट बताते है कि आपको पीने का पानी गोल आकार के मिट्टी व तांबे के बर्तन में रखना चाहिए। वह आगे बताती हैं कि हमारा शरीर खाने की तरह पानी भी पचाता है और वह खुद मिट्टी के बर्तन में पीने का पानी भरकर रखने की सलाह देती हैं। वह खुद भी घर और क्लीनिक में इसी का इस्तेमाल करती हैं।
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