सऊदी अरब पर हूती हमले से भारत नाराज, बाब-अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा जी, हां भारत ने बुधवार को सऊदी अरब में ऊर्जा सुविधाओं पर यमन के हूथी विद्रोहियों के हमलों की निंदा की। भारत ने कहा कि ऐसे हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता कमजोर होती है तथा बाब-अल-मंदेब में नेविगेशन की आजादी को खतरा पैदा होता है।
भारत की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की टिप्पणियां भारतीय पक्ष की ओर से इस मामले पर पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थीं। इससे पहले मंगलवार को हूतियों ने कहा था कि उन्होंने एक बड़े ऑपरेशन के तहत दक्षिणी सऊदी अरब में तेल की दिग्गज कंपनी सऊदी अरामको की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हमलों के कारण कई तेल प्रतिष्ठानों और यूटिलिटी साइटों पर आग लग गई और 73 लोग घायल हुए।
नागरिकों और आर्थिक सुविधाओं को निशाना बनाने पर आपत्ति
जायसवाल ने कहा कि भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों, खासकर आम नागरिकों और आर्थिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब में नेविगेशन की आजादी के लिए खतरा पैदा करते हैं।
दक्षिणी सऊदी अरब में ऊर्जा से जुड़े अहम इंफ्रास्ट्रक्चर हैं, जिनमें जिज़ान रिफाइनरी भी शामिल है, जो रोजाना 4,00,000 बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकती है। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने के बाद सऊदी अरब के ऊर्जा निर्यात के लिए बाब-अल-मंदेब का महत्व बढ़ गया है।
यमन में संघर्ष और बाब-अल-मंदेब का महत्व
भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद बढ़ाने के बावजूद सऊदी अरब देश के शीर्ष तीन ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं में बना हुआ है। यमन में ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों और सऊदी-समर्थित बलों के बीच हाल के दिनों में लड़ाई तेज हुई है। इन झड़पों को 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्ष-विराम के बाद से सबसे गंभीर माना जा रहा है।
हूथियों के लिए बाब-अल-मंदेब एक मुख्य केंद्र रहा है। यह लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला संकरा जलमार्ग है। हूतियों ने जुलाई में सऊदी जहाजों की आवाजाही रोकने की घोषणा की और बाब-अल-मंदेब के पास सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों की ओर बढ़ना शुरू कर दिया।
10 महत्वपूर्ण बातें
- भारत ने बुधवार को हूती हमलों की निंदा की।
- हमले सऊदी अरब की ऊर्जा सुविधाओं पर किए गए।
- भारत की यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया थी।
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान दिया।
- हमलों में तेल प्रतिष्ठानों और यूटिलिटी साइटों पर आग लगी।
- सऊदी अधिकारियों के अनुसार 73 लोग घायल हुए।
- भारत ने नागरिकों और आर्थिक सुविधाओं को निशाना बनाने का विरोध किया।
- बाब-अल-मंदेब में नेविगेशन की आजादी को खतरा बताया गया।
- जिज़ान रिफाइनरी की क्षमता रोजाना 4,00,000 बैरल कच्चा तेल प्रोसेस करने की है।
- यमन में हूती और सऊदी-समर्थित बलों के बीच संघर्ष तेज हुआ है।
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