मध्य पूर्व एक बार फिर बारूद के ढेर पर खड़ा नजर आ रहा है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान इजराइल ने गाजा पट्टी पर अब तक के सबसे घातक हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में एक पुलिस स्टेशन, रिहायशी घरों और विस्थापितों के टेंटों को निशाना बनाया गया। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस गोलाबारी में 3 बच्चों समेत कम से कम 24 लोगों की जान चली गई है।
गाजा में तबाही: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
गाजा सिटी में शनिवार को हुआ हमला दिल दहला देने वाला था। यहाँ एक अपार्टमेंट इमारत पर हुए हमले में एक ही परिवार के 5 सदस्य मलबे में तब्दील हो गए। मरने वालों में एक बुजुर्ग महिला, उनकी बेटी और तीन मासूम बच्चियां शामिल हैं। इजराइली सेना का दावा है कि यह कार्रवाई सीजफायर के उल्लंघन के जवाब में की गई है, जबकि स्थानीय डॉक्टरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे निर्दोष नागरिकों का कत्लेआम करार दिया है।
ईरान में ‘मिस्ट्री ब्लास्ट’: 7 शहर एक साथ दहले
इजराइल की कार्रवाई के बीच ईरान से बेहद चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। ईरान के कम से कम सात प्रमुख शहरों—तेहरान, बंदर अब्बास, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और परंत—में एक साथ भीषण धमाके हुए। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, ईरान का शायद ही कोई कोना बचा जहां धमाकों की गूंज न सुनाई दी हो।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान में उठती आग की लपटें और धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है। हालांकि, इन धमाकों की प्रकृति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। ईरान की आधिकारिक मीडिया ‘तेहरान टाइम्स’ के अनुसार, अहवाज में एक रिहायशी इमारत में गैस विस्फोट के कारण 4 लोगों की मौत हुई है, लेकिन सात शहरों में एक साथ हुए इन धमाकों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इजराइल का इनकार और अमेरिका की एंट्री
इस बीच, इजराइल ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान में हुए धमाकों में अपना हाथ होने से साफ इनकार कर दिया है। मगर पश्चिम एशिया में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अमेरिकी नौसेना का विध्वंसक जहाज (Destroyer) इजराइली बंदरगाह पर पहुंच चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी ने तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति की आहट दे दी है। क्या यह किसी गुप्त सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा है या महज इत्तेफाक, दुनिया की नजरें अब ईरान की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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