रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को हाई-स्कोरिंग मैच में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबले की जरूरत बताई। उन्होंने सपाट पिच और ओस के बीच गेंदबाजों की चुनौतियों पर चिंता जताई।
बल्ले और गेंद के बीच बराबरी चाहते हैं गंभीर
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन की जरूरत पर जोर दिया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दर्शक जिस तरह का बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं, टीम भी वैसा ही क्रिकेट चाहती है।
गंभीर ने बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों के गेंदबाजों के करियर पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और उनका करियर दांव पर लगा है। उनके मुताबिक, बल्ले और गेंद के बीच संतुलित मुकाबले से क्रिकेट का बेहतर खेल देखने को मिलेगा।
वेस्टइंडीज ने भारत के 250 रन के लक्ष्य को किया हासिल
इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत के 250 रन के बड़े स्कोर का पीछा करते हुए नौ गेंद शेष रहते जीत दर्ज की। इसके साथ ही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। मैच में कुल 501 रन बने और 38.3 ओवर में 33 छक्के लगे। सपाट पिच और ओस ने गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
इससे पहले गुवाहाटी में दूसरे वनडे के दौरान भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 406 रन का लक्ष्य 39 गेंद शेष रहते हासिल किया था। उस समय भी गंभीर ने इसी तरह की चिंताएं जताई थीं।
हार के बावजूद पिच को नहीं ठहराया जिम्मेदार
गंभीर ने हार के लिए पिच को जिम्मेदार ठहराने के बजाय लगातार सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियन टीम होने के नाते भारत को अपनी कमियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सपाट विकेट और ओस में गेंदबाजी करना मुश्किल है, लेकिन टीम को इसका समाधान निकालना होगा।
उन्होंने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की भी तारीफ की। शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की बल्लेबाजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने उन्हें इस प्रारूप के विश्वस्तरीय बल्लेबाज बताया।
शाई होप और रदरफोर्ड ने पलटा मुकाबला
भारत ने शुरुआती ओवर में दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज को पांच रन पर दो विकेट और पावरप्ले में 58 रन पर तीन विकेट तक सीमित कर दिया था। हालांकि, शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन और शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
भारत की ओर से मयंक यादव ने तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने लगभग 145 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी की और रोवमैन पॉवेल को आउट करते समय 149.5 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की। उन्होंने शुरुआती ओवर में कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर को भी आउट किया।






