हल्द्वानी। हल्द्वानी नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सदस्यता शुल्क और करीब 3.50 लाख रुपये के हिसाब-किताब को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। नगर इकाई ने इसे व्यापारियों के हित और संगठनात्मक पारदर्शिता से जुड़ा फैसला बताया।
3.50 लाख रुपये के हिसाब-किताब को लेकर उठे सवाल
हल्द्वानी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की हल्द्वानी महानगर इकाई के सभी पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड से हल्द्वानी महानगर इकाई का संबंध समाप्त करने की घोषणा की है।
नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि नगर इकाई की ओर से लंबे समय से जिला इकाई से व्यापारियों से प्राप्त सदस्यता शुल्क और करीब 3,50,000 रुपये के हिसाब-किताब तथा लेखा-जोखा के संबंध में बार-बार जानकारी मांगी गई। नगर इकाई का कहना है कि अनुरोध के बावजूद इस संबंध में संतोषजनक और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
प्रदेश कार्यकारिणी को भी कराया गया अवगत
नगर इकाई के महामंत्री मनोज जायसवाल ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी को भी कई बार इस विषय से अवगत कराया गया, लेकिन नगर इकाई के अनुसार जिला इकाई के संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
नगर व्यापार मंडल के अनुसार, संगठन के संविधान एवं निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने, संगठनात्मक स्तर पर उत्पन्न विभिन्न समस्याओं तथा व्यापारियों की सदस्यता राशि के लेखा-जोखा को लेकर लगातार असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। इन परिस्थितियों के कारण नगर इकाई को व्यापारियों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
व्यापारियों के हित में संबंध विच्छेद का निर्णय
नगर पदाधिकारियों ने बताया कि इन सभी विषयों को लेकर हल्द्वानी के व्यापारियों का नगर व्यापार मंडल पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। व्यापारियों के हित, संगठन की पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोपरि रखते हुए नगर इकाई के सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड से संबंध विच्छेद करने का निर्णय लिया।
नगर व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि व्यापारियों के हित, संगठनात्मक पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापारी हितों की मजबूती को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
संबंध खत्म होने के बाद भी जारी रहेगा काम
हल्द्वानी नगर व्यापार मंडल ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान, उनके अधिकारों की रक्षा तथा व्यापारिक हितों के लिए संघर्ष करना रहा है और आगे भी रहेगा।
प्रांतीय संगठन से संबंध समाप्त होने के बावजूद हल्द्वानी नगर व्यापार मंडल पूर्व की भांति व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। सभी वर्तमान पदाधिकारी अपने-अपने पदों पर यथावत बने रहेंगे और अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
10 प्वाइंट में पूरी खबर
- हल्द्वानी नगर व्यापार मंडल ने प्रांतीय संगठन से संबंध समाप्त किया।
- नगर इकाई के सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
- सदस्यता शुल्क के हिसाब-किताब को लेकर जानकारी मांगी गई थी।
- करीब 3,50,000 रुपये के लेखा-जोखा को लेकर सवाल उठाए गए।
- नगर इकाई के अनुसार स्पष्ट और संतोषजनक जानकारी नहीं मिली।
- प्रदेश कार्यकारिणी को भी मामले से अवगत कराया गया।
- संगठन के नियमों और पारदर्शिता को लेकर असंतोष जताया गया।
- व्यापारियों का नगर व्यापार मंडल पर दबाव बढ़ने की बात कही गई।
- नगर इकाई ने निर्णय को व्यापारी हित और जवाबदेही से जुड़ा बताया।
- संबंध समाप्त होने के बाद भी वर्तमान पदाधिकारी अपने पदों पर बने रहेंगे।
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