क्या आपको कभी बिना किसी वजह दिल तेज धड़कता, फड़फड़ाता या एक धड़कन छूटती हुई महसूस हुई है? अक्सर लोग इसे तनाव, ज्यादा चाय-कॉफी या उत्साह का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो यह हार्ट एरिदमिया का संकेत हो सकता है।
एरिदमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिल बहुत तेज, बहुत धीमा या अनियमित तरीके से धड़कने लगता है। सामान्य तौर पर दिल की धड़कन 60 से 100 बीट प्रति मिनट के बीच होती है। जब यह 60 से कम या 100 से ज्यादा हो जाए, या धड़कन का पैटर्न बिगड़ जाए, तो इसे एरिदमिया कहा जाता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर की डायरेक्टर, कार्डियोलॉजिस्ट और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. अपर्णा जयसवाल के अनुसार, अगर दिल की धड़कन बिना कारण असामान्य हो जाए तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
एरिदमिया के आम लक्षण
मायो क्लिनिक के मुताबिक कई बार एरिदमिया के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते और यह किसी सामान्य हेल्थ चेकअप के दौरान सामने आता है। हालांकि कई लोगों में इसके संकेत नजर आते हैं, जैसे:
- सीने में फड़फड़ाहट
- दिल का बहुत तेज या बहुत धीमा धड़कना
- सीने में दर्द
- सांस फूलना
- चक्कर आना या सिर हल्का लगना
- ज्यादा पसीना आना
- बेहोशी या बेहोशी जैसा एहसास
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
अगर आपको बार-बार धड़कन छूटने का एहसास हो, दिल बहुत तेज या बहुत धीमे धड़क रहा हो, तो तुरंत कार्डियोलॉजिस्ट से जांच करानी चाहिए। वहीं अगर सीने में तेज दर्द, अचानक सांस लेने में परेशानी या बेहोशी की स्थिति हो, तो इसे इमरजेंसी मानते हुए तुरंत मेडिकल सहायता लें। समय रहते जांच और सही इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
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