खबर संसार हल्द्वानी। जमरानी बांध जल्दी बनेगा उसकी फाइल केंद्र सरकार के पास है उसकी प्रोसेस चल रही है। तथा जिन इलाकों में 6 महीने से पानी नहीं आ रहा है उन लोगों को पानी का बिल देने की जरूरत नहीं। नजूल नीति पर अध्यादेश शीघ्र आ जाएगा और लोग अपने मकान दुकान इत्यादि को फ्री होल्ड करा सकेंगे और हां मैं चुनाव कालाढूंगी से ही लडूंगा यह हंड्रेड परसेंट सच है। उक्त तमाम बातों के साथ खबर संसार से रूबरू हुए मंत्री बंशीधर भगत। इससे पूर्व अतिथि में पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने 2 पेज का पूरा चिट्ठा पड़ सुनाया।
जमरानी बनेगा,पानी का बिल न दे,फ्री होल्ड करा सकेंगे चुनाव में हंड्रेड प्रतिशत कालाढूंगी से
जिसमे उन्होंने कहा हमारी सरकार में जीरो पेन्डेन्सी के आधार पर कार्य किया जा रहा है। समस्त तहसीलों, विभागीय कार्यालयों के कार्यालयाध्यक्ष द्वारा प्रतिदिन पूर्वाह 10 बजे से 12 बजे तक जनसमस्याओं के समाधान हेतु अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये है। साथ ही प्रत्येक माह प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को अधिक सुबब एवं उपयोगी बनाने के लिये मंत्रीमण्डल उपसमिति का गठन किया गया है। साथ आवासीय मंत्री होने के नाते आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि प्राधिकरण किसी भी व्यक्ति पर बोझ नहीं बनने दिया जाएगा।
कतराखण्ड नजूल भूमि प्रबन्धन / व्यवस्थापन एवं निस्तारण अध्यादेश-2021 के प्रख्यापन के बाद पट्टेधारकों को फ्री होल्ड की अनुमति । प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत राज्य के नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों के लगभग 25 हजार घर बनाने का लक्ष्य है। साथ ही आवास बनने के बाद प्रत्येक लाभार्थी को सामान इत्यादि के लिए पांच हजार रुपए दिये जाएंगे।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को शामिल करने के लिए 4000 रूपए से तथा कम आय वालों को अन्त्योदय योजना में और 15000 रूपए से कम आय वालों को प्राथमिक परिवार योजना में शामिल किया जाएगा। उत्तराखण्ड राज्य में पहली बार रिकार्ड स्तर पर गेंहू की खरिद की गयी है। साथ ही खरिद के लिए अधिकारियों को .
निर्देशित किया गया है कि किसानों को कोई समस्या उत्पन्न न हो। अतिथि शिक्षकों का वेतन 15,000 से बढ़ाकर 25,000 करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही राज्य विश्वविद्यालयों में अस्थायी शिक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 35.000 कर दिया गया है।
राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एम०बी० बी०एस० इन्टन को ईपेंड को रूपये 7500 प्रतिमाह से बढ़ाकर अपये 17,000 किये जाने को दी गई स्वीकृति। श्रीनगर, देहरादून और हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेजों में कुल 501 पद सृजित किये गये हैं। उपनल कार्मिकों की मांगों को लेकर कैबिनेट उपसमिति का गठन किया गया है। साथ ही अंगामी केबिनेट में इस पर
फैसला लिया जायेगा। उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए लगभग 50 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत
राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने हेतु निजी क्षेत्र द्वारा स्पोर्ट्स कापलेक्स, खेल अकादमी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु मेजर ध्यानचंद निजी क्षेत्र खेल प्रतिभागिता प्रोत्साहन काय की स्थापना की जाएगी। साथ ही महाविद्यालयों / व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत का उत्कृष्ट खिलाड़ी खेल कोटा प्रदान किया जाएगा। शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रूपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 100 किया जाएगा। साथ ही श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रूपये से बढ़ाकर 1000 रूपये किया जाएगा। आठ नए महाविद्यालय बनाए जाएंगे जबकि सात महाविद्यालयों का स्नातक से स्नाकोत्तर में उच्चीकरण किया जाएगा।
साथ ही राजकीय विद्यालयों के कक्षा बारवी के 100 टॉपर्स को पांच साल तक उच्च शिक्षा की तैयारी के लिये छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। जनपद ऊधमसिंहनगर में विस्थापित बंगाली समाज को जारी किए जाने वाले जाति प्रमाणपत्र से पूर्वी पाकिस्तान शब्द हटाये जाने का निर्णय। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन, परिवहन, संस्कृति क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का पैकेज । इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी लाभान्वित होंगे। चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ के पैकेज दिये जा रहे हैं। इसमें वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने हेतु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कार्मिकों के लिए प्रोत्साहन पैकेज भी है। जिससे प्रदेश के 3 लाख 73 हजार 588 लोग लाभान्वित होंगे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप सी एवं डी के कार्मिकों को 3-3 हजार रूपये तथा चिकित्सको को 10-10 हजार रूपये की धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जायेगी।
जनपद हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना की जायेगी। रूपला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को 118 करोड़ 35 लाड रूपए का कोविङ राहत पैकेज दिया जाएगा। जिससे राज्य के 7 लाख 54 हजार 984 लाभार्थियों को राहत मिलेगी। ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सहायक विकास अधिकारी, पटवारी / लेखपाल, राजस्व निरीक्षक नायब तहसीलदार कॉन्सटेबल, हेड कॉन्सटेबल, सब-इन्सपेक्टर एवं इन्स्पेक्टर को कोविड-19 में उनके द्वारा किये रहे सराहनीय कार्यों एवं सेवाओं हेतु रू० 10,000 की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दे रहे है।
वात्सल्य योजना के माध्यम से प्रदेश में कोविड से प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को सहारा दिया जा रहा है। उत्ताखण्ड में इस वर्ष के अन्तिम तक सत प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा। ‘खुशियों की सवारी योजना के माध्यम से प्रसव के बाद जच्चा बच्चा को अस्पताल से घर तक निशुल्क छोड़ने के लि
वाहन उपलब्ध करवाया जाएगा। आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब तक 3.40 लाख से अधिक बार मरीज मुफ्त में उपचार करा चुके हैं। जिस पर अभी त ₹04 अरब 61 करोड़ से अधिक का कार्मिक व्यय किया जा चुका है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारम्भ किया जा चुका है साथ ही तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रि पुरस्कार व राशि को बढ़ाकर 51 हजार रूपये कर दिया गया है। बेटियों की शादी के लिए आर्थिक अनुदान के लिए विधवा महिलाओं की आय सीमा को बढ़ाकर 48 हजार रुपये करने स्वीकृति दी जा चुकी है। उत्तराखंड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगना एवं वेटरन की पैशन अब 18 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी गय है। जिससे लगभग 800 परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए पढ़ाई हेतु हल्द्वानी जल्द ही छात्रावास बनाया जाएगा।
राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों की विधवाओं / आश्रितों को एकमुश्त अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख क दी गयी है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जा चुका है साथ ह आईडीपीएल, ऋषिकेश स्पेशल टूरिजम जोन के रूप में विकसित किए जाने की योजना को स्वीकृति प्रदान कर गयी है। भारतनेट के दूसरे फेज में 6 हजार ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा। प्रदेश में ग्राम प्रधानों का मानदेय 1500 से बढ़ाकर 3500 रूपए किया जाएगा। साथ ही ग्राम प्रधानों को 10 हजार की आकस्मिक निधि व्यय करने की अनुमति दी जाएगी पिछले पांच सालों में ही उत्तराखंड ने निर्यात के मामले में करीब दोगुना से अधिक की बढ़त हासिल की है। उत्तराखंड से 10,836 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, वहीं 2020-21 में यह बढ़कर 15,914 करोड़ रुपये पहुंच गया है।


