खबर संसार देहरादून । लक्ष्मी को महालक्ष्मी का तोहफा जी हा आज 17 जुलाई 2021 को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री आवास के जनसभागर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या जी द्वारा कार्यक्रम में देहरादून जनपद के 51 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से तथा अन्य समस्त जनपदों के 110 लाभार्थियों को वर्चुअल रूप से जोड़ते हुए महालक्ष्मी किट प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री जी द्वारा कहा गया 2017 से वर्तमान तक विभाग द्वारा लैंगिक समानता के क्षेत्र में किये गए कार्य एवं परिणामस्वरूप प्रदेश में लिंगानुपात में सकारात्मक परिवर्तन/वृद्धि प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि बेटा एक घर का ही चिराग होता है जबकि बेटियां दो घरों को रौशन करती हैं। अफसोस की बात है कि बेटियों के जन्म पर लोग उतने उत्साहित नही होते जितना बेटों के जन्म पर होते हैं। आज स्थिति हालांकि बदल रही है और यह योजना इस बदलाव की गति को निश्चय ही बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम ये सुनिश्चित करेंगे कि महिलाओं और कन्याओं को मिलने वाली इस किट की सामग्री गुणवत्तापूर्ण हो और उन सभी लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी नितांत आवश्यकता है। श्रीमती रेखा आर्या जी द्वारा बताया गया कि इस अवसर पर प्रदेश भर के 16929 प्रसूताएं जिन्होंने पहली, दूसरी या जुड़वां कन्याओं को जन्म दिया है,उनको किट प्रदान की जाएगी तथा वर्ष में 60 हज़ार महिलाओं को इस योजना द्वारा लाभान्वित किये जाने का लक्ष्य है।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रायः देखा जाता है कि समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता के कारण कन्या शिशु के जन्म पर जच्चा-बच्चा की प्रसव पश्चात देखभाल की उपेक्षा की जाती है | अतः प्रसवोपरांत माँ और कन्या शिशु की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए योजना संचालित की जा रही है | सभी अभिभावकों को अपनी बालिकाओं को अच्छी शिक्षा और पोषण प्रदान करना चाहिए यही उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे अच्छा निवेश है। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके माता पिता द्वारा शिक्षा की ताकत उन्हें दी गयी जिसने उन्हें सभी कठिनाइयों का सामना करने का साहस और आत्मविश्वास दिया। इस प्रकार मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना प्रधानमंत्री जी द्वारा चलाये जा रहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का ही विस्तार है। सचिव श्री हरि चंद्र सेमवाल जी ने बताया कि योजनान्तार्गत राज्य में प्रसवोपरांत महिला को प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर एक-एक किट एवं जुड़वाँ बच्चियों के जन्म पर महिला को एक एवं बच्चों को पृथक पृथक दो किटों से लाभान्वित किया जायेगा | अल्मोड़ा में 1002, बागेश्वर में 411, चमोली में 564, चंपावत में 537, देहरादून में 3030, हरिद्वार में 3537, नैनीताल में 1230, पौड़ी गढ़वाल में 684, पिथौरागढ़ में 672, रुद्रप्रयाग में 324, टिहरी गढ़वाल में 741, उधमसिंह नगर में 3105 तथा उत्तरकाशी में 1092 इस प्रकार कुल 16929 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु उत्तराखण्ड राज्य का निवासी होना आवश्यक है। नियमित सरकारी कर्मचारी एवं आयकरदाता योजना से आच्छादित नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र एवं मातृ शिशु रक्षा कार्ड की प्रति भी आवश्यक होगा।इ
स अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल, अपर सचिव श्री प्रशांत आर्या, उपनिदेशक डॉ0 एस0 के0 सिंह, कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती भारती तिवारी,श्री विक्रम सिंह, श्री मोहित चौधरी,श्री मुकुल चौधरी जी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अखिलेश मिश्र आदि उपस्थित रहे।



