पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच चल रहा तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाओं में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर किए गए हवाई हमलों के बाद स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। इन हमलों के जवाब में अफगान पक्ष और तालिबान से जुड़े सुरक्षा बलों ने पलटवार की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, अफगान पक्ष ने ड्रोन के जरिए पाकिस्तान के कई शहरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की है। इसके बाद पाकिस्तान के कई इलाकों से धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव
अफगान अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को पाकिस्तान ने काबुल और सीमावर्ती प्रांतों में नए हवाई हमले किए। इन हमलों में राजधानी काबुल में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
दूसरी ओर, एक पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर पुष्टि की कि पाकिस्तान ने रातभर सैन्य कार्रवाई की। अधिकारी के मुताबिक इन हमलों का लक्ष्य प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकाने थे। इस्लामाबाद का कहना है कि पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमलों के बाद आतंकवाद के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।
तालिबान सरकार का पाकिस्तान पर आरोप
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तान के हमले केवल काबुल तक सीमित नहीं रहे। उनके मुताबिक दक्षिणी प्रांत कंधार के साथ-साथ पूर्वी पक्तिया और पक्तिका प्रांत भी इस सैन्य कार्रवाई का निशाना बने। कंधार में स्थित काम एयर एयरलाइन के ईंधन डिपो पर भी हवाई हमला किए जाने की बात कही गई है। यह डिपो नागरिक विमानों और संयुक्त राष्ट्र के विमानों को ईंधन उपलब्ध कराता है।
सीमा पर लगातार झड़पें, व्यापार और जनजीवन प्रभावित
पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा पर कई बार झड़पें हो चुकी हैं। इन घटनाओं के कारण सीमा पार व्यापार प्रभावित हुआ है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने घर छोड़ने तक की नौबत आ गई है।
संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन (यूएनएएमए) के अनुसार, 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई में अफगानिस्तान में 56 नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें 24 बच्चे भी शामिल हैं।
हजारों लोग हुए विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक हालिया संघर्ष के कारण लगभग 1.15 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव के कारण मानवीय संकट की स्थिति भी पैदा हो रही है।
यह संघर्ष 26 फरवरी को उस समय और तेज हो गया जब अफगानिस्तान ने टीटीपी को निशाना बनाकर किए गए पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में सीमा पर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान ने तालिबान प्रशासन के खिलाफ खुली सैन्य कार्रवाई की घोषणा की और 27 फरवरी को काबुल पर बमबारी की।
तब से दोनों देशों की सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं। हाल ही में खोस्त प्रांत में हुई एक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है।
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