नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद भारत ने प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की सलामती का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
नेपाल बाढ़ में फंसे भारतीयों की तलाश तेज
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि भारत नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीयों की स्थिति और उनकी सलामती का पता लगाने के लिए तेज़ी से कोशिशें कर रहा है। उन्होंने बताया कि विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूतों के साथ हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की गई, जिसमें वे वर्चुअली शामिल हुए।
राहत और बचाव कार्यों के लिए तालमेल
जयशंकर ने कहा कि मंत्रालय बाढ़ से प्रभावित भारतीयों का पता लगाने के लिए अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ तालमेल कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत इस मामले और राहत कार्यों, दोनों पर नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहा है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बढ़ा मौतों का आंकड़ा
नेपाली पुलिस के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है। गुरुवार को प्रभावित इलाकों में बचाव दल अभियान में जुटे रहे। अधिकारी सैकड़ों लापता लोगों की तलाश और बचे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में लगे रहे।
करीब 100 लोगों का पता चला
गुरुवार को लगभग 100 लोगों का पता चला। इससे कुछ घंटे पहले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया था कि नेपाल और पड़ोसी तिब्बत में आई भयानक बाढ़ तथा कीचड़, पत्थरों और पानी की चपेट में आने से करीब 300 भारतीय लापता हो गए थे। हालांकि, नेपाल सरकार या भारत की ओर से लापता भारतीयों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
भारत ने गुरुवार को नेपाल के लिए राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी। इसमें मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए 37.5 टन मानवीय सहायता, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए। इससे पहले बुधवार को नेपाल को 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री भेजी गई थी।
10 महत्वपूर्ण बिंदु
- भारत नेपाल में फंसे भारतीयों की सलामती का पता लगा रहा है।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की।
- बैठक में विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल रहे।
- काठमांडू और बीजिंग में भारत के राजदूत भी समीक्षा में जुड़े।
- भारतीयों की तलाश के लिए विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों से तालमेल किया जा रहा है।
- टूर ऑपरेटरों और अन्य संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है।
- नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ और भूस्खलन से मौतों का आंकड़ा 177 बताया गया।
- गुरुवार को लगभग 100 लोगों का पता चला।
- करीब 300 भारतीयों के लापता होने की बात सामने आई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
- भारत ने नेपाल को 37.5 टन मानवीय सहायता की दूसरी खेप भेजी।
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