भारत में कोविड-19 को लेकर भले ही लोगों के मन में खौफ खत्म हो चुका हो, लेकिन यह वायरस अब भी जापान में कहर बरपा रहा है। बतादें इन दिनों जापान में कोविड का नया वेरिएंट KP.3 लोगों की जान पर आफत बन रहा है। पिछले कुछ सप्ताह में इस वेरिएंट से इंफेक्शन में मामले तेजी से बढ़े हैं और जापान में कोविड की 11वीं लहर का खतरा मंडरा रहा है।
जापान ही नहीं, बल्कि अमेरिका में पिछले महीने कोरोना के वेरिएंट FLiRT के केसेस में उछाल देखने को मिला था। फिलहाल देश में कोरोना कंट्रोल में है, लेकिन सवाल है कि क्या जापान और अमेरिका के कोविड वेरिएंट भारत में फैल सकते हैं? बताया कि कोविड का नया वेरिएंट ज्यादा संक्रामक होता है और बेहद तेजी से फैलता है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक जापान में लोगों को संक्रमित करने वाला वेरिएंट KP.3 की अत्यधिक संक्रामक है।
इसकी वजह से वहां के कई हॉस्पिटल्स में बेड फुल हो गए हैं और नई लहर की आशंका बढ़ गई है। यह वेरिएंट उन लोगों को भी संक्रमित कर रहा है, जो कोविड की वैक्सीन लगवा चुके हैं। KP. 3 वेरिएंट के लक्षण पहले के वेरिएंट की तरह ही है। इसमें तेज बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, स्मैल और टेस्ट गायब होना शामिल हैं। हालांकि अभी इस वेरिएंट को लेकर ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है।
क्या भारत में फैल सकता है यह वेरिएंट?
डॉक्टर का कहना है कि कोविड का कोई भी वेरिएंट एक देश से दूसरे देश में लोगों के जरिए फैल सकता है। शुरुआत में कोविड चीन के वुहान से शुरू हुआ था और धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया था। हालांकि इस वक्त भारत में हालात काफी हद तक कंट्रोल में हैं और नए वेरिएंट से कोरोना की लहर आने का खतरा ज्यादा नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी होगी। अगर देश में इस वेरिएंट के केसेस मिलते हैं, तो उन्हें वक्त रहते कंट्रोल करना होगा। इससे यह वेरिएंट कम से कम लोगों को संक्रमित कर पाएगा। कोविड के समय-समय पर नए वेरिएंट आते रहते हैं और आगे भी ऐसा होता रहेगा। इससे बचाव बेहद जरूरी है।
क्या नए वेरिएंट पर फेल हो जाती है वैक्सीन?
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब भी कोविड का कोई नया वेरिएंट आता है, तो इस पर वैक्सीन का असर कम हो जाता है। वैक्सीन नए वेरिएंट पर कितनी कारगर होगी, इस बारे में तो रिसर्च के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हालांकि कोविड वैक्सीन से नए वेरिएंट से कुछ हद तक बचाव हो सकता है। इसके अलावा लोगों के शरीर में हर्ड इम्यूनिटी भी विकसित हो चुकी है, जिससे नए वेरिएंट से मुकाबला करने में आसानी हो सकती है। लोगों को फिर भी एहतियात बरतनी चाहिए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। किसी भी तरह की परेशानी हो, तो डॉक्टर से मिलकर जांच करानी चाहिए।
किन लोगों को कोविड इंफेक्शन का खतरा ज्यादा?
डॉक्टर की मानें तो कोविड संक्रमण का खतरा कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, बुजुर्ग और बच्चों को सबसे ज्यादा होता है। जो लोग पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी यह संक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। जबकि अन्य लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं। सभी को इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए। इस वक्त बारिश का मौसम चल रहा है और इस मौसम में वायरस का कहर ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को इस मौसम में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए और लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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