ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बीच पाकिस्तान ने बड़ा फैसला लिया है। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) ने विदेशी एयरलाइंस को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपनी उड़ानों के लिए पाकिस्तान से फ्यूल न लें। अब एयरलाइंस को पाकिस्तान आने और वापस लौटने के लिए पर्याप्त ईंधन अपने देश से ही लेकर आना होगा। यह निर्देश NOTAM (नोटिस टू एयरमैन) के जरिए जारी किया गया है।
क्यों आया यह फैसला?
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के चलते तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो गई है। इसका सीधा असर दक्षिण एशियाई देशों पर पड़ा है, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है।रिपोर्ट्स के अनुसार, जेट A-1 फ्यूल की सप्लाई चेन में रुकावट के चलते यह कदम एहतियातन उठाया गया है।
NOTAM में क्या कहा गया?
जारी नोटिस में एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि:
- वे अधिकतम फ्यूल लेकर उड़ान भरें
- पाकिस्तान में फ्यूल पर निर्भरता कम करें
PAA अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह नोटिस 13 मार्च को जारी किया गया था। हालांकि, यह नियम केवल विदेशी एयरलाइंस पर लागू होगा।
घरेलू फ्लाइट्स को राहत
पाकिस्तान की घरेलू एयरलाइंस के लिए यह नियम लागू नहीं किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय उड़ानों को जरूरत के अनुसार देश के भीतर ही फ्यूल उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत में भी महंगा हुआ हवाई ईंधन
ईरान संकट का असर भारत पर भी दिखाई दे रहा है। एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
- ATF की कीमत बढ़कर 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर पहुंच गई
- दिल्ली में कीमत 96,638 रुपये से बढ़कर 2,07,341 रुपये प्रति KL हो गई
यह पहली बार है जब ATF की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार गई है।
फ्लाइट टिकट हो सकते हैं महंगे
ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर सीधे यात्रियों पर पड़ सकता है।
- घरेलू रूट्स पर सरकार ने सीमित बढ़ोतरी लागू की है
- इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर एयरलाइंस को पूरी बढ़ी हुई कीमत चुकानी होगी
ऐसे में आने वाले दिनों में हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका है। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक एविएशन सेक्टर को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान का यह फैसला तेल संकट की गंभीरता को दर्शाता है, वहीं भारत सहित अन्य देशों में भी इसका असर साफ नजर आ रहा है।
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