खबर संसार, देहरादून : …तो इसलिए नैनीताल assembly seat होने जा रही दिलचस्प, उत्तराखंड के नैनीताल सीट को लेकर कांग्रेस में जंग जारी है। अगले साल होने जा रहे 2022 का विस चुनाव बड़ा ही दिलचस्प होने जा रहा है। जिसमें नैनीताल assembly seat को बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि इस सीट से दो दावेदार हैं।
नैनीताल assembly seat संजीव आर्य लड़ना तय
एक तो संजीव आर्य हैं जो भारतीय जनता पार्टी से कांग्रेस में आए हैं, वह 2017 में भाजपा की टिकट से नैनीताल सीट से चुनाव लड़े कांग्रेस की सरिता आर्या को हराकर और जीत हासिल की थी। मगर अब वह कांग्रेस में लौट आए है तो ऐसे में सरिता आर्य की टिकट का कटना तय माना जा रहा है। तो अब ऐसे में अब संजीव आर्य को सरिता आर्य की इस सीट से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।
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सरिता आर्य का टिकट काटना तय
यहा बताते चलें कि मीडिया कर्मियों ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता आर्य से नैनीताल सीट के टिकट को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ने बीजेपी प्रत्याशी संजीव आर्य के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था मगर वह यह चुनाव हार गई थीं। यहां बताते चलें कि पिछले दिनों ही संजीव आर्य और उनके पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य कांग्रेस में वापस लौट आए हैं। जिसके बाद सरिता आर्य का टिकट काटना तय माना जा रहा है।
यहां बताते चलें कि संजीव आर्य के पिता यशपाल आर्य का नैनीताल की तीन सीटों पर अच्छा असर माना जाता है। ऐसे में अगले चुनाव में इन सीटों पर समीकरण बदले नजर आने की उम्मीद कांग्रेस को है। आर्य 1984 से लेकर 1989 तक नैनीताल में जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष रहे। इससे पूर्व वह 1978 में एमबी पीजी कालेज में चीफ प्रॉक्टर भी रहे हैं।


