पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों दलों के बीच बातचीत आगे बढ़ चुकी है और इस मुद्दे पर कई दौर की महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन हुआ है।
राहुल गांधी के सामने रखी गईं शर्तें
जानकारी के अनुसार, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में पार्टी का पक्ष रखा। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान कांग्रेस नेतृत्व के सामने कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए।
बताया जा रहा है कि टीएमसी की ओर से मांग की गई है कि ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजा जाए। इसके साथ ही उन्हें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी जाए। हालांकि इन मांगों पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
सोनिया गांधी ने दिया था विलय का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने स्वयं ममता बनर्जी से संपर्क कर टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव रखा था। कहा जा रहा है कि इस प्रस्ताव के तहत ममता बनर्जी को कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने की पेशकश की गई। इसके अलावा, अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस संगठन में महासचिव स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की भी बात कही गई है। हालांकि इस संबंध में किसी भी दल की ओर से औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ममता बनर्जी ने फैसले के लिए मांगा समय
सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी ने इस प्रस्ताव पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय कुछ समय की मांग की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने पूरे राजनीतिक परिदृश्य और संभावित प्रभावों का आकलन करने के बाद ही अंतिम फैसला लेने की बात कही है। कांग्रेस की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि भाजपा द्वारा टीएमसी पर बढ़ते राजनीतिक दबाव और पार्टी के अंदर मौजूद चुनौतियों को देखते हुए विलय एक रणनीतिक विकल्प हो सकता है।
लगातार बैठकों से बढ़ीं अटकलें
टीएमसी और कांग्रेस के बीच संभावित विलय की चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब 8 और 9 जून को ममता बनर्जी ने लगातार दो दिनों तक 10 जनपथ पहुंचकर सोनिया गांधी से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
राजनीतिक हलकों में इन मुलाकातों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच हुई गर्मजोशी भरी बातचीत और सार्वजनिक तौर पर दिखाई गई नजदीकियों ने भी अटकलों को और मजबूत किया।
डेढ़ घंटे चली राहुल-अभिषेक की बैठक
इसी क्रम में राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच भी 10 जनपथ में महत्वपूर्ण बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली, जिसमें दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक रणनीति और संभावित सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अब सभी की नजरें ममता बनर्जी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। यदि यह राजनीतिक समीकरण आगे बढ़ता है, तो राष्ट्रीय राजनीति में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
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