अफगानिस्तान के तालिबान ने पाकिस्तान को आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर गहरी चोट दी है। हाल ही में तालिबान ने ट्रकों के जरिए रूस को 25 टन अनार की खेप भेजी है, जिससे दक्षिण एशियाई राजनीति में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने इन ट्रकों को रूस भेजकर वहां दो एयर डिफेंस सिस्टम को पाकिस्तान की सीमा के पास एक्टिव कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान तालिबान के साथ अपने संबंध सुधारने के लिए तुर्की और कतर जैसे देशों की मध्यस्थता ले रहा है।
इस्तांबुल में बेनतीजा रही शांति वार्ता
तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चली 15 घंटे की शांति वार्ता नतीजामुक्त रही। वार्ता विफल होने के तुरंत बाद तालिबान ने रूस की ओर रुख कर पाकिस्तान को जवाब देने की अनोखी रणनीति अपनाई। अफगानिस्तान ने 30 साल बाद पहली बार रूस को सीधे अनार भेजकर पाकिस्तान से दूरी बनाने का संकेत दिया है।
कंधार से रूस तक पहुंचा अफगानिस्तान का अनार
तालिबान प्रशासन के कृषि मंत्रालय ने पुष्टि की कि कंधार से 25 मीट्रिक टन अनार रूस को निर्यात किए गए हैं। तोरघुंडी सीमा पार से भेजी गई इस खेप का मूल्य लगभग 25,000 डॉलर है। मंत्रालय का कहना है कि यह एक “पायलट शिपमेंट” है, जिसका उद्देश्य रूसी बाजार में मांग और लॉजिस्टिक्स की स्थिति का मूल्यांकन करना है।
यदि यह योजना सफल रहती है, तो कंधार से रूस को फसल के मौसम के अंत तक 250 टन तक अनार भेजे जाएंगे। यह अफगानिस्तान के लिए रूस के साथ नए व्यापारिक गलियारे खोलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
पाकिस्तान हुआ अलग-थलग
कंधार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अनुसार, इस साल रूस को करीब 200 टन अनार निर्यात किए जाने की उम्मीद है। यह तब है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच वाणिज्यिक सीमा पार बंद होने से अनार का व्यापार रुक गया था। अब तालिबान का यह कदम पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता को कमजोर करने की दिशा में देखा जा रहा है।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस


