Tuesday, January 18, 2022
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मोक्ष प्रदान करने वाला है Kartik Purnima का स्नान, जरूर करें दीपदान

खबर संसार, नई दिल्ली : मोक्ष प्रदान करने वाला है Kartik Purnima का स्नान, जरूर करें दीपदान, कार्तिक पूर्णिमा अर्थात देव दीपावली इस वर्ष शुक्रवार, 19 नवंबर 2021 को मनाई जाएगी। पुराणों में में कहा गया है कि कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान, व्रत व तप की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला होता है। Kartik Purnima के दि गंगा-स्नान, दीप दान, अन्य दानों आदि का विशेष महत्व बताया गया है। कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन को देव दिवाली का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आइए जानते है कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के बाद दीपदान करने के 5 फायदे।

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स्नान का महत्व कार्तिक पूर्णिमा के पूरे माह में पवित्र नदी में स्नान करने का प्रचलन और महत्व रहा है। इस मास में श्री हरि जल में ही निवास करते हैं।खासकर पूर्णिमा के दिन स्नान करना अति उत्तम माना गया है। श्रद्धालु लोग जहाँ यमुना में स्नान करने पहुंचते हैं वहीं गढ़गंगा, हरिद्वार, कुरुक्षेत्र तथा पुष्कर आदि तीर्थों में स्नान करने के लिए जाते हैं। स्नान करने के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं।

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मान्यता है कि देव दीपावली के दिन सभी देवता गंगा नदी के घाट पर आकर दीप जलाकर अपनी प्रसन्नता को दर्शाते हैं। इसीलिए दीपदान का बहुत ही महत्व है। कार्तिक माह में भगवान विष्णु या उनके अवतारों के समक्ष दीपदान करने से समस्त यज्ञों, तीर्थों और दानों का फल प्राप्त होता है।

Kartik Purnima पर दीपदान का महत्व

1. संकट से मुक्ति: Kartik Purnima के दिन नदी, तालाब आदि जगहों पर दीपदान करने से सभी तरह के संकट समाप्त होते हैं और अकाल मृत्यु नहीं होती है। यम, शनि, राहु और केतु के बुरे प्रभाव से जातक बच जाता है। सभी तरह के अला-बला, गृहकलह और संकटों से बचने के लिए करते हैं दीपदान।

2. कर्ज से मुक्ति: दीपदान करने से जातक कर्ज से भी मुक्ति पा जाता है।

3. पुनर्जन्म का कष्ट मिटता: कार्तिकी को संध्या के समय त्रिपुरोत्सव करके- श्कीटाः पतंगा मशकाश्च वृक्षे जले स्थले ये विचरन्ति जीवाः, दृष्ट्वा प्रदीपं नहि जन्मभागिनस्ते मुक्तरूपा हि भवति तत्रश् से दीपदान करें तो पुनर्जन्म का कष्ट नहीं होता। अपने मृतकों की सद्गति के लिए भी करते हैं दीपदान।

4. मनोकामना होती है पूर्ण: इस दिन गंगा के तट पर स्नान कर दीप जलाकर देवताओं से किसी मनोकामना को लेकर प्रार्थना करें। किसी भी तरह की पूजा या मांगलिक कार्य की सफलता हेतु करते हैं दीपदान।

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