सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबांसरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में भारत की सीमा के भीतर लगभग 60 किलोमीटर तक प्रवेश कर गई है और वहां नए सैन्य कैंप भी स्थापित कर लिए हैं। इस दावे ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर दी है।
PIB Fact Check ने वायरल दावे को बताया पूरी तरह फर्जी
सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी PIB Fact Check ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया है। एजेंसी के अनुसार, जिस वीडियो को भारत-चीन सीमा पर चीनी घुसपैठ का बताया जा रहा है, उसका इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
PIB Fact Check ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो भारत-चीन सीमा का नहीं है और इसे गलत दावे के साथ साझा किया जा रहा है। ऐसे में लोगों को इस तरह की अपुष्ट जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
सीमा सुरक्षा से जुड़ी अफवाहों से बचने की अपील
भारत-चीन सीमा से जुड़ी कोई भी सूचना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे मामलों में अपुष्ट वीडियो, फोटो या संदेश तेजी से भ्रम फैला सकते हैं। इसी कारण सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों से जारी जानकारी पर ही विश्वास करें।
विशेषज्ञों का भी कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई वीडियो पुराने, दूसरे देशों के या किसी अलग घटना से जुड़े होते हैं, जिन्हें नए संदर्भ में प्रस्तुत कर गलत सूचना फैलाई जाती है।
आखिर असली मामला क्या है?
हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में यह जानकारी मिली थी कि अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-तिब्बत सीमा के पार चीन ने एक नई सड़क का निर्माण किया है। यह सड़क उस विवादित इलाके में स्थित दो बस्तियों को जोड़ती है, जो वर्ष 1959 से चीन के नियंत्रण में हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पार मौजूद हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, नई सड़क 2021 में बसाए गए गांव को 2026 में विकसित नई बस्ती से जोड़ती है। इन क्षेत्रों में हेलिपैड और सीमेंट प्लांट जैसी डुअल-यूज सुविधाएं भी दिखाई देती हैं, जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
सरकार और भारतीय सेना ने क्या कहा?
केंद्र सरकार ने हालिया चीनी घुसपैठ के दावों को सिरे से खारिज किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय सेना का कहना है कि इस क्षेत्र में सीमा का औपचारिक सीमांकन नहीं हुआ है। इसी वजह से भारत और चीन दोनों की LAC को लेकर अलग-अलग धारणा है।
सरकार के अनुसार, कई बार दोनों देशों की गश्ती टीमें अपने-अपने दावे वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाती हैं। इस स्थिति को सैन्य भाषा में ‘ट्रांसग्रेशन’ कहा जाता है, जिसे घुसपैठ नहीं माना जाता।
सीमा पर चीन के बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर पर नजर
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा के पास चीन तेजी से सड़क, बस्ती और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रहा है, जो भारत के लिए रणनीतिक चुनौती माना जा रहा है। इसके जवाब में भारत भी अरुणाचल प्रदेश सहित सीमावर्ती इलाकों में सड़क, सुरंग और अन्य रक्षा अवसंरचना परियोजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है।
वायरल दावों को साझा करने से पहले करें पुष्टि
PIB Fact Check ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी संदिग्ध वीडियो, फोटो या दावे को बिना जांचे-परखे आगे साझा न करें। पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें और देखें कि क्या किसी आधिकारिक एजेंसी ने उस पर कोई जानकारी जारी की है।
गलत और भ्रामक सूचनाओं को साझा करना अनजाने में अफवाहों को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर केवल प्रमाणित और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना सबसे सुरक्षित और जिम्मेदार कदम है।
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