आज के समय में फिटनेस ट्रैकिंग डिवाइस लोगों की डेली लाइफ का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बढ़ती हेल्थ अवेयरनेस के चलते मार्केट में ऐसे स्मार्ट डिवाइस की मांग लगातार बढ़ रही है। इन्हीं में से एक है Whoop Band, जिसे कई प्रोफेशनल एथलीट्स और फिटनेस पसंद करने वाले लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इस डिवाइस को खरीदने से पहले इसकी कुछ खास बातों को समझना बेहद जरूरी है।
क्या है Whoop Band?
Whoop Band एक एडवांस फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग डिवाइस है, जो यूजर्स की हार्ट रेट, नींद, रिकवरी, स्ट्रेस लेवल और डेली एक्टिविटी को मॉनिटर करता है। यह डिवाइस लगातार हेल्थ डेटा रिकॉर्ड कर यूजर को विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराता है ताकि लाइफस्टाइल और फिटनेस रूटीन को बेहतर बनाया जा सके।
सामान्य स्मार्टवॉच की तुलना में इसका डिजाइन और काम करने का तरीका थोड़ा अलग है। इसका मुख्य फोकस हेल्थ और रिकवरी डेटा पर रहता है।
इस डिवाइस में नहीं मिलता डिस्प्ले
Whoop Band की सबसे अलग बात यह है कि इसमें किसी तरह की स्क्रीन या डिस्प्ले नहीं दिया गया है। यानी यूजर सीधे बैंड पर कोई जानकारी नहीं देख सकता। डिवाइस का पूरा डेटा मोबाइल ऐप के जरिए एक्सेस किया जाता है। यही वजह है कि यह पारंपरिक स्मार्टवॉच से अलग अनुभव देता है।
सर्विस इस्तेमाल करने के लिए देना पड़ता है सब्सक्रिप्शन
Whoop Band का मॉडल अन्य फिटनेस डिवाइस से थोड़ा अलग है। इसे खरीदने के बाद भी यूजर्स को इसकी सर्विस और डेटा फीचर्स इस्तेमाल करने के लिए मासिक सब्सक्रिप्शन फीस देनी पड़ती है। ऐसे में इसे खरीदने से पहले कुल खर्च का अनुमान लगाना जरूरी हो जाता है।
नींद और रिकवरी ट्रैकिंग इसकी सबसे बड़ी ताकत
यह डिवाइस सिर्फ स्टेप्स काउंट करने तक सीमित नहीं है। Whoop Band यूजर की नींद की गुणवत्ता, शरीर की रिकवरी और थकान के स्तर को गहराई से ट्रैक करता है। इसके जरिए मिलने वाली रिपोर्ट फिटनेस और ट्रेनिंग को बेहतर बनाने में मदद करती है।
अगर आप नियमित रूप से जिम जाते हैं, रनिंग करते हैं या किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में शामिल रहते हैं, तो यह डिवाइस आपके लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
बैटरी बैकअप भी करता है प्रभावित
जहां ज्यादातर स्मार्टवॉच को हर एक या दो दिन में चार्ज करना पड़ता है, वहीं Whoop Band लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बार फुल चार्ज होने के बाद इसे कई दिनों तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि लगातार हेल्थ ट्रैकिंग करने वाले यूजर्स के बीच इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
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