खबर संसार, नई दिल्ली: UIDAI- अब नवजात शिशु का अस्पताल से ही बनेगा आधार कार्ड, आज के समय में आधार हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। सरकारी योजना हो या स्कूल में एडमिशन हर जगह आधार कार्ड की आवश्यकता होती है। आधार कार्ड बनाने वाली संस्थान UIDAI ने अब नवजात शिशुओं को आधार कार्ड अस्पताल से ही बनाने की तैयारी में है। क्योंकि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण UIDAI ने 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक जानकारियों की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
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बच्चों का आधार (UIDAI) कार्ड नीले रंग का
UIDAI के सीईओ सौरभ गर्ग ने कहा कि UIDAI द्वारा जारी बच्चों का आधार कार्ड नीले रंग का होता है। इसे बाल आधार कार्ड कहा जाता है। भारत में हर साल करीब 2 से 2.5 करोड़ बच्चों का जन्म होता है। अस्पतालों में आधार रजिस्ट्रेशन से नवजात बच्चों के आधार कार्ड बनाने में आसानी हो जाएगी।
2010 में हुई UIDAI की शुरूआत
भारत में आधार कार्ड बनाने की शुरूआत वर्ष 2010 में हुई थी। अब तक करीब भारत में 99.7 प्रतिशत वयस्क लोगों के आधार बन चुके हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के सीईओ सौरभ गर्ग ने कहा कि UIDAI नवजात शिशुओं को आधार संख्या के लिए जन्म रजिस्ट्रार के साथ साझेदारी करने की कोशिश कर रहा है।
गर्ग ने बताया कि केंद्र सरकार की 300 और राज्य सरकारों की 400 से ज्यादा योजनाएं आधार से लिंक की गई। 99.7 फीसदी आबादी को आधार के तहत रजिस्टर्ड कर लिया गया है। UIDAI ने 131 कनोह आबादी को आधार के लिए रजिस्टर किया है। अब इसका लक्ष्य नवजात शिशुओं का रजिस्ट्रेशन कराना है।


