अक्सर टेस्टिकल्स को केवल स्पर्म बनाने वाले अंग के रूप में देखा जाता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गहरी है। टेस्टिकल्स और उन्हें सुरक्षित रखने वाला स्क्रोटम पुरुष शरीर की एक जटिल और बेहद अहम प्रणाली का हिस्सा हैं। पेनिस के नीचे स्थित स्क्रोटम त्वचा की एक थैली होती है, जिसके अंदर दोनों टेस्टिकल्स सुरक्षित रहते हैं।
ये अंग न सिर्फ स्पर्म का निर्माण और भंडारण करते हैं, बल्कि पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन और स्राव भी करते हैं। यही हार्मोन पुरुषों की भारी आवाज, मांसपेशियों की मजबूती, दाढ़ी-मूंछ की ग्रोथ और यौन क्षमता जैसे अहम शारीरिक बदलावों के लिए जिम्मेदार होता है।
क्या है टेस्टोस्टेरोन और क्यों है यह जरूरी?
टेस्टोस्टेरोन पुरुषों का प्रमुख सेक्स हार्मोन है, जो मुख्य रूप से टेस्टिकल्स में बनता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह हार्मोन सिर्फ यौन स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। Mayo Clinic के मुताबिक, टेस्टोस्टेरोन शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है।
इसमें हड्डियों को मजबूत बनाए रखना, मांसपेशियों की ताकत और आकार बढ़ाना, शरीर में फैट का संतुलन, चेहरे और शरीर के बालों की ग्रोथ, रेड ब्लड सेल्स का निर्माण, स्पर्म प्रोडक्शन और फिजिकल रिलेशन की इच्छा शामिल है। आसान शब्दों में कहें तो यही हार्मोन पुरुषों की शारीरिक पहचान को बनाता और बनाए रखता है।
किस उम्र में सबसे ज्यादा बनता है टेस्टोस्टेरोन?
आमतौर पर किशोरावस्था और शुरुआती युवावस्था में टेस्टोस्टेरोन का स्तर सबसे अधिक होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसमें धीरे-धीरे गिरावट आना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों के अनुसार, 30–40 साल के बाद हर साल करीब 1 प्रतिशत तक कमी देखी जा सकती है।
हालांकि, हर गिरावट को सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता। कुछ मामलों में यह कमी हाइपोगोनाडिज्म नाम की स्थिति का संकेत हो सकती है, जिसमें टेस्टिकल्स या उन्हें नियंत्रित करने वाली पिट्यूटरी ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती।
कम टेस्टोस्टेरोन के लक्षण क्या हो सकते हैं?
शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने पर कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव नजर आ सकते हैं। यौन इच्छा में कमी, नींद के दौरान होने वाले स्वाभाविक इरेक्शन में गिरावट और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
इसके अलावा शरीर में फैट बढ़ना, मांसपेशियों की कमजोरी, हड्डियों का कमजोर होना, ब्रेस्ट में सूजन या कोमलता और शरीर के बालों का झड़ना भी इसके संकेत हो सकते हैं। कई पुरुषों को लगातार थकान महसूस होती है। मानसिक रूप से आत्मविश्वास में कमी, उदासी, ध्यान लगाने में दिक्कत और याददाश्त कमजोर होना भी देखा जा सकता है।
जरूरी नहीं हर लक्षण का कारण टेस्टोस्टेरोन ही हो
डॉक्टरों का कहना है कि ये सभी लक्षण सिर्फ कम टेस्टोस्टेरोन की वजह से ही हों, यह जरूरी नहीं। कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, स्लीप एपनिया, थायरॉयड की समस्या, डायबिटीज या डिप्रेशन जैसी स्थितियां भी ऐसे ही लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए सही कारण जानने के लिए मेडिकल जांच जरूरी है।
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