आज के समय में स्मार्टफोन हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद चाहे एंड्रॉयड फोन हो या आईफोन, धीरे-धीरे स्लो होने लगता है। फोन में जरूरत से ज्यादा ऐप्स, फाइल्स और कैश जमा हो जाता है, जिससे प्रोसेसर पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। इसका नतीजा होता है—लेट रिस्पॉन्स, ऐप क्रैश और ओवरहीटिंग।
फैक्ट्री रिसेट से क्या होता है?
फैक्ट्री रिसेट फोन को उसकी ओरिजिनल कंडीशन में वापस ले आता है। यानी जैसे आपने फोन नया खरीदा था, ठीक वैसा ही। इस प्रोसेस में फोन का सारा डेटा—ऐप्स, सेटिंग्स, फोटो, वीडियो और कैश्ड फाइल्स डिलीट हो जाती हैं।
फैक्ट्री रिसेट से फोन में छुपा हुआ जंक डेटा साफ हो जाता है, जिससे प्रोसेसर पर लोड कम होता है। इसके बाद फोन के फ्रीज होने, बार-बार रीस्टार्ट होने, बैटरी जल्दी खत्म होने और ऐप्स के अचानक बंद होने जैसी समस्याएं काफी हद तक ठीक हो जाती हैं।
फोन को फैक्ट्री रिसेट कब करना चाहिए?
अगर आपका फोन बेहद स्लो हो गया है, बार-बार हैंग हो रहा है या अपने आप बंद हो रहा है, तो फैक्ट्री रिसेट एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। ओवरहीटिंग, बैटरी ड्रेन और बार-बार ऐप क्रैश जैसी समस्याएं अगर सॉफ्टवेयर अपडेट या स्टोरेज खाली करने से भी ठीक नहीं हो रही हैं, तब फैक्ट्री रिसेट करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, यह आखिरी उपाय होना चाहिए। क्योंकि फैक्ट्री रिसेट करने से फोन का पूरा डेटा डिलीट हो जाता है। इसलिए रिसेट से पहले अपने जरूरी फोटो, वीडियो और कॉन्टैक्ट्स का बैकअप लेना बेहद जरूरी है।
रिसेट के बाद क्या करें?
फोन को फैक्ट्री रिसेट करने के बाद केवल उन्हीं ऐप्स को इंस्टॉल करें, जिनकी आपको रोजाना जरूरत पड़ती है। अनावश्यक ऐप्स से बचें और स्टोरेज को हमेशा थोड़ा खाली रखें। इससे फोन लंबे समय तक स्मूद और फास्ट बना रहेगा।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस





