काबुल: अफगानिस्तान में रविवार (31 अगस्त) रात आए भीषण भूकंप ने तबाही मचा दी है। अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 मापी गई। इसका केंद्र कुनार प्रांत में 27 किलोमीटर दूर और आठ किलोमीटर की गहराई पर था।
जयशंकर ने जताई संवेदना, मदद का भरोसा
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट कर अफगानिस्तान के भूकंप पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में अफगानिस्तान की हरसंभव मदद करेगा और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
क्यों आता है अफगानिस्तान में ज्यादा भूकंप?
अफगानिस्तान कई फॉल्ट लाइनों पर स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट्स मिलती हैं। यही वजह है कि यह इलाका भूकंप प्रवण माना जाता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी रहता है, जिससे राहत और बचाव कार्य और मुश्किल हो जाते हैं।
पहले भी मचा चुका है भूकंप कहर
तालिबान सरकार ने बचाव दल तैनात कर घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया है। कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। पिछले साल पश्चिमी अफगानिस्तान में आए भूकंप में 1,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। वहीं, अक्टूबर 2023 में 6.3 तीव्रता के भूकंप में करीब 4,000 लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, पिछले दशक में अफगानिस्तान में 7,000 से ज्यादा मौतें भूकंप की वजह से हुईं।
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