किच्छा के विधान सभा मे बीते बुधवार की शाम को जो हुआ वह किसी को भी सन्न कर देने वाला था। जब एक गरीब महिला ने खुले मैदान में एक बच्चें को जन्म दिया। दरअसल मामला एक गरीब गर्भवती महिला से जुडा हुआ है। राजवती की डिलिवरी में कुछ मिनट ही बचे थे।
यह गरीब माँ किच्छा के इंदिरा गाँधी खेल मैदान मे अपने पति और चार बच्चों व एक अपने समाज के ही परिवार के साथ खुले आसमान तले रहती है। इसके सर पर छत्त नहीं है। कल ज़ब इसको प्रस्व पीड़ा दर्द हुआ तब यह खेल मैदान से सटे शहर के सामुदायिक केंद्र जो की खेल मैदान से गिनती के दस कदम दूर है वहा पहुंची जहाँ उसको एडमिट करने से मना कर दिया गया।

दो बार गए अस्पताल पर नही किया एडमिट
कहा गया की महिला डाक्टर अभी नहीं है ऐसा उसके पति सर्वेश का कहना था। एक महिला ने बताया की यह लोग दो बार अस्पताल मे आये थे। लेकिन इनको एडमिट नहीं किया गया। ऐसा ही इसके पति ने भी बताया जिसके बाद यह महिला खेल मैदान मे खुले मे तिरंगे के निचे असहाय दर्द का सामना करती रही चिल्लाती रही पर मैदान मे कोई उसकी मदद को आगे नहीं आया।बच्चे भी खेलने मे व्यस्त थे।तभी कुछ पास की कुछ महिलाओ को पता चला तो उन्होंने तुरंत मैदान पहुंच कर वही महिला के चारो तरफ कपड़े से ढक कर उसकी साहयता करने का निर्णय लिया।
इसकी जानकारी एक महिला ने संवाददाता दी और सारे हलात के बारे मे बताया व उक्त महिला की साहयता करने को कहा। जानकारी मिलते ही हमारे संवाददाता खेल मैदान पहुचे जहाँ कुछ महिला गर्भवती महिला को घेरे खड़ी थी उन्होंने उनको पास जाने से मना किया। एन यू जे के अध्यक्ष और हमारे संवाददाता ने पूरी जानकारी जुटाते हुए मौक़े से क्षेत्रीय विधायक को फोन किया। और हलात के बारे मे और स्वाथ्य विभाग की लापरवाही के बारे मे बताया।और कहा की इसको जल्द ही सुविधा मिलनी चाहिए।
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विधायक ने कार्यवाही करने को कहा
विधायक ने इस पर पत्रकार से कार्यवाही करने को कहा और चिकित्सा अधीक्षक से बात करता हूँ कहा। जिसके बाद हमारे संवाददाता ने कॉंग्रेसी नेता हरीश पनेरू को भी घटना की जानकारी दी जिस पर उन्होंने एक घंटे मे पहुंचने को कहा और आते ही महिला के इलाज की बात कही और किच्छा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो पर कार्यवाही की बात भी कही।
इसके बाद हमारे संवाददाता ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ त्रिपाठी को फोन किया और जानकारी दी इस पर उन्होंने कहा की महिला डॉ छुट्टी पर थी और मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी विधायक द्वारा मुझे बताया गया है मै टीम को भेज रहा हूँ।
कुछ मिनट बाद खुशियों की सवारी एम्बुलेंस खेल मैदान पहुंची और सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र का स्टॉफ भी वहा दौड़ता हुआ पंहुचा। पर तब तक उस महिला ने एक पुत्र को जन्म दे दिया था।
इसके बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया और फिर किच्छा विधायक शुक्ला भी अस्पताल पहुचे और महिला के परिवार जनो से पूरी बात पूछी जिसके बाद वह प्रस्व कक्ष तक गये और महिला कुशलता के बारे मे जाना। और पीड़ित महिला के परिवार जनो से ऊन लोगो का पूछा जिन्होंने उस महिला को मना कर भेज दिया था। इस पर विधायक ने ऊन चिकित्सा कर्मियों को जमकर लताड़ा और कार्यवाही करने की बात भी कही।
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इस पर अस्पताल स्टॉफ ने बोला की हमने इनको रेफर कर दिया था विधायक ने ज़ब इस पर रेफर का रिकॉर्ड माँगा तो मौक़े पर नहीं दिखाया गया। यह वाक्य बहुत हैरान करने वाला था। इसके बाद विधायक राजेश शुक्ला ने कहा की दोषियों के खिलाफ कार्यवाही जरूर होगी।







