मजेदार खबर उत्तराखंड के सितारगंज से आ रही है जब बीजेपी की जीरो टॉलरेंस और जीरो भ्रष्टाचार का नारा देने वाली धामी सरकार की किरकिरी हो गई वाकया कल दोपहर से सितारगंज तहसील में चल रहा है जहां 6 लोगों की विजिलेंस टीम को बंधक बना लिया गया तहसील कर्मियों द्वारा, पूरा माजरा एक बार फिर से दर्शकों को समझाने का प्रयास करते है बुधवार को तहसील पहुंची विजिलेंस विभाग की ट्रैप टीम करीब 20 घंटे बाद तहसील भवन से बाहर निकली। उसे राजस्वकर्मियों ने भवन के दोनों गेटों पर ताले लगाकर बंधक बना लिया था। गुरुवार को एसडीएम खटीमा, एसडीएम किच्छा ने कर्मचारी संगठनों व अधिकारियों से वार्ता की।
उच्चाधिकारियों की सहमति के बाद दोपहर 12.20 बजे ट्रैप किए गए दोनों कर्मचारियों को भी रिहा कर दिया गया।आपको बता दे बुधवार को हल्द्वानी (विजिलेंस) की टीम ने टीम प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में तहसील पहुंचकर सहायक लेखाकार भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन मदन शर्मा को 14 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था
कार्रवाई को गलत बताते हुए बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे कर्मचारियों ने तहसील के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। समर्थन में जिलेभर से संग्रह अमीन संघ, मिनिस्ट्रियल संघ और लेखपाल संघ समेत विभिन्न सागठनों के पदाधिकारियों ने सितारगंज तहसील पहुंचकर विजिलेंस टीम को बंधक बना लिया था। रातभर तालाबंदी जारी रही। कर्मचारी संगठनों ने जिलेभर में हड़ताल कर दी थी।गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एसडीएम खटीमा तुषार सैनी, एसडीएम किच्छा गौरव पाण्डे ने सितारगंज पहुंचकर मोर्चा सम्भाला। वार्ता के बाद तहसीलदार हिमांशु जोशी ने विजिलेंस के निरीक्षक प्रभात कुमार को सम्बोधित पत्र में कहा कि शिकायतकर्ता 2022 के एक्सिस बैंक की वसूली का बकायेदार था। आरसी वसूली के संग्रह व्यय के रूप में 14 हजार रुपये जमा कराए गए। रकम लेते ही कर्मचारियों को ट्रैप कर लिया गया। जैसे कि विजिलेंस वाले अक्सर रंगे हाथ पकड़ने को किया करते है
कर्मचारियों को रसीद काटने का मौका तक नहीं दिया गया। एसडीएम खटीमा ने बताया कि दोपहर 12.20 बजे दोनों कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। साथ ही विजिलेंस टीम को भी बंधन मुक्त कर दिया गयानिचोड़ यह है कि विजिलेंस टीम एकदम कोई शिकायत करे अपना टारगेट के लिए तुरंत जाल बिछा देती है शिकायत वाले की हिस्ट्री नहीं पता करती, सूत्र बता रहे है कि उक्त काश्तकार खाना खराब है उसने जो 10 प्रतिशत पैसा अतिरिक्त बताया था वो कलेक्शन चार्ज होता है न कि रिश्वत, ये अमीन लोग राजस्व संग्रह का काम करते है लिहाजा लोग पैसे लेकर पहुंचते ही है लिहाजा यह तालमेल का अभाव हुआ, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में लोग दोनों यानि बड़े बाबू भूपेंद्र सिंह राणा ओर अमीन मदन लाल शर्मा के पक्ष में लोग समर्थन को पहुंच गए और कल तो सीधे ताला लगा दिया था लिहाजा दोनों लोग ओर पूरी टीम बंधक बनी रही
