खबर संसार, नई दिल्ली: किसान Agitation खत्म! सिंघु बॉर्डर पर तंबू उखड़ने शुरू, बंटी मिठाई, कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और सरकार के बीच सहमति बन गई है। किसान नेताओं ने 378 दिन बाद Agitation खत्म करने का ऐलान कर दिया। 11 दिसंबर को घर वापसी करेंगे।
सरकार ने आंदोलनकारी किसानों को पत्र भेजकर MSP पर कमेटी बनाने का वादा किया। साथ ही किसानों पर दर्ज मामले भी वापस लेने की घोषणा कर दी। पत्र मिलते ही सरकार ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया। दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान न सिर्फ मिठाई बांट रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने तंबू भी उखाड़ने और सामान की पैकिंग भी शुरू कर दी है। किसानों को आज ही सुबह सरकार की तरफ से औपचारिक चिठ्ठी भी मिल चुकी है।
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अन्य रूपों में जारी रहेगा Agitation
उधर संयुक्त मोर्चा के सूत्रों ने बताया कि जो भी निर्णय होगा उस पर चर्चा होगी। सिंघु बॉर्डर खाली करने में लगभग दो दिन का समय लगेगा। इसके अलावा किसानों का Agitation अन्य रूपों में जारी रहेगा। जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, या लिखित में नहीं मिलता, राज्यों में प्रदर्शन होंगे।
टिकैत व अशोक धवले के तेवर भी नरम
किसान नेता अशोक धवले का कहना है कि कृषि मंत्रालय की तरफ से बहुत सारी मांगे मान ली गई हैं, हर Agitation में सारी बातें नहीं मानी जाती हैं। जो भी मुकदमे हैं, वह वापस होने चाहिए और लाल किला और 26 जनवरी के मामलों पर भी विचार किया जाएगा। इधर किसान नेता राकेश टिकैत के तेवर भी कुछ नरम नजर आ रहे हैं। राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि बात बनती दिखाई पड़ रही है। लगता है कि आज मामला ठीक हो जाएगा। हालांकि, टिकैत ने कहा था कि सरकार ने कच्चे कागज में प्रस्ताव दिया है, हमें पक्के दस्तावेज चाहिए।
सरकार की चिट्ठी पर ही अटका था मामला
गुरुवार को सरकार की तरफ से आधिकारिक पत्र मिलते ही 14 महीनों से जारी किसान आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया जा सकता है। किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी ने कहा कि सरकार की तरफ से जो ड्राफ्ट आया था, उस पर हमारी सहमति नहीं बनी थी। हमने उसमें कुछ सुधारों की मांग कर लौटा दिया था।


