खबर संसार, नई दिल्ली :…तो अब निजी अस्पतालों में इलाज कराना भी 5-10% महंगा!, देश में अगले साल से अस्पतालों में इलाज कराना भी महंगा हो सकता है। इसके लिए अपोलो और फोर्टिस समेत देश के कई प्रमुख प्राइवेट अस्पतालों ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए इलाज पैकेज की दरों में 5 -10 प्रतिशत बढ़ाने का इरादा जताया है। इस महंगाई का पहला सामना खासकर अस्पताल में नकद भुगतान करने वाले मरीजों को करना पड़ेगा।
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खबरों के मुताबिक प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना सरकारी अस्पतालो से काफी महंगा है। जो सरकारी अस्पतालों की अपेक्षा करीब 7 से 10 गुना महंगा है। मेडिकल इलाज में पैकेज की दरों में नया बदलाव वित्तीय वर्ष 2021-22 के आखिर होने की चर्चा है। जिस पर अब सरकार ने भी एक रिपोर्ट अनुसार इस बात पर मुहर लगा दी है।
फोर्टिस स्वास्थ्य सेवा के प्रवक्ता के मुताबिक वे महत्वपूर्ण ओवरहेड्स यानी किसी कंपनी के बंधे खर्चे जैसे लाइट, रेंट वगैरह पर होने वाले नियमित खर्च के साथ एक बड़ी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल चेन हैं और 2019 के बाद कोरोनावायरस महामारी की वजह से बढ़ते मैनपावर और दूसरे लागतों से प्रभावित होने के बावजूद समान दरों पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसलिए हालात की समीक्षा कर रहे हैं और सही समय पर पैकेज टैरिफ सुधार के बारे में फैसला करेंगे।
अस्पताल 5-10% दर बढ़ाने का कर रहे विचार
अगर प्राइवेट अस्पतालों की बात की जाए फोर्टिस हेल्थकेयर की तरह ही अपोलो हॉस्पिटल्स ने भी बताया कि वह कीमतें बढ़ाने के विकल्प के बारे में विचार कर रहा है। जो 5-10% महंगा हो सकता है। अपोलो हॉस्पिटल्स के समूह मुख्य वित्तीय अधिकारी कृष्णन अखिलेश्वरन ने कहा कि स्वच्छता, उपभोग की सामग्रियों, मानव संसाधन और सामान्य मुद्रास्फीति की लागत हमारे लाभ को खा रही है। हमें लागत को पार करना होगा और इलाज रेट को बढ़ाना होगा। .


