नई दिल्ली, खबर संसार। बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai’ APP) के निर्माता 21 वर्षीय बिश्नोई भोपाल को पुलिस ने गुरुवार को असम के जोरहाट जिले से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान बिश्नोई भोपाल ने कहा कि, उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है।
NDTV के सूत्रों ने बताया की बिश्नोई भोपाल ने कहा की उन्होंने वही किया जो उन्हें सही लगा। आप को बता दे कि, बिश्नोई भोपाल के एक संस्थान से बीटेक सेकंड ईयर का स्टूडेंट है, उसे दिल्ली पुलिस ने असम के जोरहाट जिले से गुरुवार को गिरफ्तार किया।
सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया
अधिकारियों ने बताया कि, उन्होंने APP बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डिवाइस को बरामद किया है जिसे माइक्रोसॉफ्ट के शेयरिंग सॉफ्टवेयर GitHub पर ‘होस्ट’ किया गया था। गुरुवार को ही बिश्नोई भोपाल को कोर्ट में पेश किया गया और 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
आप को बता दे की इस से पहले 3 गिरफ्तारी हुई थी। साइबर सेल ने इसके पहले उत्तराखंड से कथित रूप से मामले की मुख्य आरोपी 19 वर्षीय श्वेता सिंह को और बेंगलुरु से 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार झा को गिरफ्तार किया था। श्वेता सिंह बुल्ली बाई ऐप के कंट्रोलरों में से एक थी। श्वेता ऐसे ही तीन ऐप के अकाउंट को कंट्रोल कर रही थी।
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असमाजिक तत्वों ने इस ऐप पर कई मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति के, फेक ऑनलाइन नीलामी के लिए किया। इसके साथ ही ‘योर बुल्ली बाई ऑफ द डे’ जैसे अभद्र टैगलाइन का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिन मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने की कोशिश की गई, इसमें कई पत्रकार और एक्टिविस्ट हैं, तो कुछ महिलाएं अलग-अलग मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय सोशल मीडिया पर व्यक्त करने के लिए जानी जातीं हैं।
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