खबर संसार, नई दिल्ली: जानिए क्यों खास है, इस बार Makar Sankranti पर्व, मकर संक्रांति पर्व इस बार 14 जनवरी को बेहद खास है। इस दिन दान-पुण्य के साथ नदियों में स्नान की मान्यताएं हैं। साथ ही दान का विशेष महत्व बताया गया है। Makar Sankranti के दिन अर्थात सूर्य उपासना का दिन। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से घर धन-धान्य से भरने के साथ सुख-समृद्धि के साथ यश और कीर्ति में भी वृद्धि होती है।
ज्योतिषियों के अनुसार मकर संक्रांति 2022 के दिन शुक्रवार और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन शाम 8.18 बजे तक रोहिणी नक्षत्र रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को काफी शुभ माना जाता है। Makar Sankranti के दिन तिल-गुड़ और खिचड़ी खाना शुभ होता है।
ये भी पढें- किच्छा की तहसील कार्यालय मे तीन संक्रमित, परिसर बंद
Makar Sankranti पर ये काम जरूर करें
- Makar Sankranti के दिन गरीब और जरूरतमंद को तिल, गुड़, काले कपड़े, आटा, घी या दाल का दान करें।
- सरसों के तेल में कुछ पराठे या पूरियां बनाकर काले कुत्तों को खिलाएं।
- काले तिल को दो बराबर भाग में बांट लें। इसका एक हिस्सा दान करें और दूसरे से पकवान बनाएं।
- उड़द की दाल की खिचड़ी बनाऔं और भगवान को चढ़ाएं। संक्रांति पर इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।
- सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
- अगर कोई घायल पक्षी दिखे तो उसे नजदीकी पशु कल्याण केंद्र ले जाएं।
मकर संक्रांति के दिन इन कार्यों से बचें
- पक्षियों के घोंसलों के पास पतंग उड़ाने से बचें।
- किसी भी तरह के नशे से खुद को दूर रखें। साथ ही मसालेदार भोजन का सेवन न करें।
- Makar Sankranti के दिन लहसुन, प्याज और मांस का सेवन न करें। किसी को अपशब्द कहने से बचें।
- इस दिन सुबह बिना नहाए खाने से बचें।
- भिखारी को खाली हाथ न भेजें। उन्हें तिल, अन्न, वस्त्र आदि दान करके विदा करें।


