भारत और Pakistan के बीच जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। संसद में पेश परिसीमन विधेयक 2026 पर पाकिस्तान की आपत्तियों को भारत सरकार ने सख्ती से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान ने विधेयक को बताया ‘उकसाने वाला कदम’
पाकिस्तान ने इस विधेयक को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे उकसाने वाला कदम बताया है। इस्लामाबाद का आरोप है कि यह पहल पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जनसंख्या संतुलन बदलने की कोशिश है। पाकिस्तान ने दोहराया कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है और भारत का यह कदम एकतरफा व अवैध है, जिसका उद्देश्य अपने नियंत्रण को मजबूत करना है।
पीओके और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
पाकिस्तान ने विधेयक की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारतीय चुनाव आयोग को पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में परिसीमन का अधिकार नहीं है। साथ ही, भारतीय विधायी प्रस्तावों में पीओके का उल्लेख किए जाने पर भी पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई। उसने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन बताया।
भारत ने आरोपों को बताया निराधार
भारत ने पाकिस्तान के सभी दावों को निराधार बताते हुए उसकी मंशा पर ही सवाल उठाए हैं। भारत का स्पष्ट रुख है कि पूरा जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न अंग है और इस पर किसी भी बाहरी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पीएम मोदी सरकार का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक में कहा गया है कि जब पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र मुक्त होंगे, तब वहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाएगा। यह भारत की उस स्थायी नीति को दोहराता है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र देश का अभिन्न हिस्सा है।
विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
नए विधायी प्रस्तावों के तहत जम्मू-कश्मीर में बड़े संवैधानिक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। वर्तमान में विधानसभा की 90 सीटें हैं, जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों की 24 सीटें रिक्त रखी गई हैं। संघ शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 के तहत कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 114 करने का प्रस्ताव है।
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की योजना
विधेयक में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, उपराज्यपाल द्वारा नामित महिलाओं की संख्या दो से बढ़ाकर तीन की जा सकती है, जो नए परिसीमन के बाद लागू होगी।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को घेरा
भारत ने यह भी संकेत दिया कि वह लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, जबकि पाकिस्तान बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों का सहारा लेकर मुद्दों को भटकाने की कोशिश करता है। भारत ने यह भी कहा कि जिस देश पर खुद अवैध कब्जे और आतंकवाद के आरोप लगते रहे हैं, उसके दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
जम्मू-कश्मीर पर भारत की नीति अडिग
इस पूरे घटनाक्रम से एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं है। वहीं पाकिस्तान के दावे लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती का सामना कर रहे हैं।
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