खबर-संसार, देहरादून: …तो फिर Pushkar Singh Dhami हारकर भी बनेंगे मुख्यमंत्री, जानिए कैसे?, उत्तराखंड के लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनेगा कौन ये बड़ा सवाल है। तो आपको बता दें कि खटीमा विस क्षेत्र से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हार सामना जरूर करना पड़ा हैं, लेकिन संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। तो आइए जानते हैं कि Pushkar Singh Dhami के सिर कैसे सजेगा मुख्यमंत्री का ताज।
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Pushkar Singh Dhami के हार की रही ये वजह
यहां बता दें कि गुरूवार को चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को 47 सीटों के साथ मिथक तोड़ते हुए दोबारा उत्तराखंड में जीत हासिल की। मगर खटीमा सेPushkar Singh Dhami कों हार सामना करना पड़ा। धामी की इस हार से कई लोगों में मायूसी छा गई। वजह ये रही कि उनका कार्यकाल छोटा रहा और वह प्रदेश भर जनसभाएं करने में व्यस्त रहे, लेकिन अपने गृह क्षेत्र में ज्यादा समय नहीं दे सके, क्यों उनके ऊपर पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी थी। मगर भाजपा हाईकमान अभी भी पुष्कर सिंह धामी पर ही अपना विश्वास जता रहा है।
चंपावत से विस सीट छोड़ने को तैयार गहतोड़ी
यहां बता दें कि अगर पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो उन्हें 6 माह के भीतर ही विस चुनाव जीत विधानसभा की सदस्या लेनी पड़ेगी। इसके लिए किसी भाजपा विधायक को सीट छोड़नी पड़ेगी। और उस सीट से धामी को चुनाव लड़ना होगा। इसके लिए चंपावत विस सीट से भाजपा के कैलाश गहतोड़ी सीट छोड़ने के लिए तैयार हैं।
बीजेपी का कोई भी विधायक धामी के लिए अपनी सीट छोड़ सकता है। इसके बाद धामी उस सीट से छह महीने के अंदर चुनाव जीतकर विधानसभा के सदस्य बन सकते हैं। चंपावत विधायक ने सीट खाली करने का ऑफर भी दियारू चंपावत विधानसभा सीट से चुनाव जीते बीजेपी के कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने तो धामी के लिए सीट छोड़ने का ऑफर तक पेश कर दिया है। अगर धामी चंपावत से चुनाव लड़ते हैं तो जीतकर विधानसभा पहुंच सकते हैं।


