ब्रेकिंग खबर संसार।शहीद की बॉडी आज भी नही आ पाएगी,सीएम का कार्यक्रम रद्द। जी हा सीएम पुष्कर सिंह धामी का हल्द्वानी आने का दौरा रद्द। आज दोपहर शहीद चंद्रशेखर के सरस्वती विहार डहरिया हल्द्वानी में आना था उन्हे। मुख्यमंत्री के निजी सचिव भूपेन्द्र सिंह बसेड़ा ने पत्र जारी कर उक्त जानकारी दी कि शहीद चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को आज हल्द्वानी लाना था।बताए चले कि लांस नायक चंद्रशेखर 38 साल पहले सियाचिन ग्लेशियर में हिमस्खलन से दब कर शहीद हुआ था । मूल रूप से अल्मोड़ा के बिनता हाथीपुर गांव का रहने वाला था । घटना मई 1984 को बटालियान लीडर लेफ्टिनेंट पीएस पुंडीर के नेतृत्व में 19 जवानों का दल ऑपरेशन मेघदूत के लिए निकला था। 29 मई को भारी हिमस्खलांन पूरी की पूरी बटालियन दब गई।
शहीद की बॉडी आज भी नही आ पाएगी,सीएम का कार्यक्रम रद्द
जिसके बाद चंदशेखर को भी शहीद घोषित कर दिया गया था।उस समय चंद्रशेखर की उम्र 28 साल थी।शनिवार यानी13 अगस्त को शहीद चंद्रशेखर की पत्नी के पास से फोन आता है और उनसे जानकारी में उनका बैच नंबर पूछता है तो पत्नी 4164584 बताती है।
तो दूसरी ओर से आवाज आती है आपके पति चंद्रशेखर की बॉडी मिल गई है।38 साल बाद फिर से जख्म हरे हो जाते है।हाल निवासी सरस्वती विहार ढहरिया हल्द्वानी रह रहे है।दो बेटी बड़ी का नाम कविता छोटी का बबिता
बड़ी 4 साल की थी तथा छोटी ढाई साल की जब चंद्रशेखर की शहीद होने की खबर मिली थी । वीरांगना शांति देवी का विवाह 18 साल की उम्र में ही हो गया था। 23 साल में ही मनहूस खबर पति के शाहिद होने की।1992 में शांति देवी दोनों बेटियों के साथ हल्द्वानी आ गई।बेटियों की शिक्षा दीक्षा के लिए।ऑपरेशन मेघदूत में सियाचिन की सबसे ऊंची चोटी फतेह करनी थी जिसमे सभी लोग शहीद। सहित चंद्रशेखर की बड़ी बेटी कविता आज 42 तो छोटी बबिता 40 की है। शहीद चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को कल तक हल्द्वानी पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। उक्त बात एसडीएम मनीष ने भी खबर संसार को बताया।


