जी, हां आप ने सही पढ़ा बिहार से एक चौकाने वाली खबर आ रही है। मामला कुछ यूं है की बिहार की एक महिला महिला पेट दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंची थी। डॉक्टर ने कहा कि यूट्रस खराब हो गया है, ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके लिए 30 हजार रुपये लगेंगे।
परिवार वालों ने 30 हजार रुपए जमा कर महिला को भर्ती करा दिया। ऑपरेशन हुआ, लेकिन इसके बाद महिला की तबीयत और खराब होने लगी। तबीयत जब ज्यादा खराब हुई तो परिवार वालों ने महिला को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) लेकर पहुंच गए।
जांच में पता चला की महिला की दोनों किडनी गायब है
यहां जांच हुआ। जांच में पता चला की महिला की दोनों किडनी गायब है। उसकी दोनों किडनी नहीं है। ये बात सुनकर महिला के घर वाले चौंक गए। पीएमसीएच ने महिला को दूसरी जगह ले जाने के लिए कह दिया। जिस डॉक्टर के पास महिला इलाज कराने के लिए पहुंची थी। वो मुजफ्फरपुर में शुभकांत क्लीनिक के नाम से अपना क्लिनिक चलाता है।
मामले की शिकायत परिवार वालों ने पुलिस से की। पुलिस ने क्लिनिक के संचालक पवन के खिलाफ ह्यूमन ऑर्गन ट्रांसप्लांट एक्ट और एचसीएससी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये घटना मुजफ्फरपुर जिले के बरियारपुर ओपी के बाजी कस्बे का बताया जा रहा है।
शहर के बरियारपुर इलाके में मुजफ्फरपुर अस्पताल के खिलाफ दो प्राथमिकी के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक अधिकारी ने कहा, “अस्पताल न तो पंजीकृत था, न ही कोई योग्य डॉक्टर था। उन्होंने यह भी बताया कि जिस तरह से किडनी निकाली गई है वह कोई डॉक्टर नहीं कर सकता है। किसी सीखने वाले ने ऐसा किया है क्योंकि ट्रांसप्लांट करने के लिए जिस तरह से किडनी निकाली जाती है उस तरह से नहीं किया गया है।
इसे भी पढ़े-BJP ने मदन कौशिक को हटा, महेंद्र भट्ट को बनाया उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष
हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए



