सस्ते लोन का इंतजार कर रहे कई लोगों को बड़ा झटका लगा है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने लोन पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। सोमवार को बैंक ने कहा कि उसकी आंतरिक बेंचमार्क सीमांत ऋण लागत (एमसीएलआर) में 5-10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है। नई ब्याज दरें सोमवार, 15 जुलाई से लागू हो गईं। बैंक की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने के बाद इस बेंचमार्क से जुड़े सभी तरह के लोन और उनकी ईएमआई भी बढ़ गई है।
एसबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक, बैंक ने एक साल के लोन के लिए एमसीएलआर में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जो अब 8.85 फीसदी है। इसी तरह तीन महीने के कर्ज के लिए एमसीएलआर 0.10 फीसदी बढ़कर 8.4 फीसदी, छह महीने के कर्ज के लिए एमसीएलआर 0.10 फीसदी बढ़कर 8.75 फीसदी और दो साल के कर्ज के लिए एमसीएलआर 0.10 फीसदी बढ़ गई। प्रतिशत से 8.95 प्रतिशत।
3 साल के लोन पर कितना ब्याज?
बैंक ने 3-वर्षीय उपभोक्ता ऋण पर ब्याज दर बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी। इसी तरह, ओवरनाइट लोन पर ब्याज बढ़ाकर 8.10 फीसदी और मासिक लोन पर एमसीएलआर बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दिया गया है। पिछले साल जून में बैंक ने अपने कर्ज पर ब्याज दरों में भी 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। बैंक लगातार दूसरे महीने ऋण की कीमत बढ़ा रहा है।
सभी ग्राहक प्रभावित नहीं होंगे
एसबीआई द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी का असर सभी बैंक ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। जैसा कि आप जानते हैं, अधिकांश खुदरा ऋण अब रेपो दर जैसे बाहरी संकेतकों से जुड़े हुए हैं, जबकि केवल कुछ पुराने ऋण एमसीएलआर से जुड़े हैं। ऐसे में एमसीएलआर में बढ़ोतरी का असर सिर्फ उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनका लोन अभी भी बैंक के इंटरनल बेंचमार्क से जुड़ा हुआ है।
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