देशभर के होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सोमवार से रसोई गैस पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत 3,071.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है।
घरेलू LPG उपभोक्ताओं को राहत, कीमतों में कोई बदलाव नहीं
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर का मौजूदा मूल्य 913 रुपये ही बना हुआ है।
कारोबारियों की लागत बढ़ने की आशंका
कमर्शियल LPG की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्तरां, केटरिंग सेवाओं और क्लाउड किचन जैसे व्यवसायों पर पड़ सकता है। संचालन लागत बढ़ने के कारण कई कारोबारी आने वाले समय में भोजन और अन्य सेवाओं की कीमतों में वृद्धि कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की बढ़ती लागत का असर केवल व्यवसायों तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है, क्योंकि बढ़े हुए खर्च का बोझ वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में दिखाई दे सकता है।
महंगाई पर बढ़ सकता है दबाव
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी महंगाई को बढ़ावा दे सकती है। परिवहन और ऊर्जा लागत बढ़ने से रोजमर्रा की कई वस्तुओं और सेवाओं के दाम प्रभावित हो सकते हैं। इससे आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
CNG और पेट्रोल-डीजल भी हुए महंगे
LPG की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में CNG की कीमत में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था। इसके बाद CNG का खुदरा मूल्य 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। खास बात यह है कि 15 मई के बाद से CNG की कीमतों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है।
वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी हाल के दिनों में कई बार संशोधन किया गया है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के चलते पेट्रोल के दाम में कुल 7.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 7.53 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
होटल और रेस्तरां सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट ईंधन और कमर्शियल LPG दोनों की कीमतें बढ़ने से उन उद्योगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा, जो इन पर अधिक निर्भर हैं। होटल, रेस्तरां, केटरिंग सेवाएं, फूड डिलीवरी नेटवर्क और क्लाउड किचन जैसे क्षेत्रों की परिचालन लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
मध्य-पूर्व में तनाव से बढ़ी वैश्विक ऊर्जा चिंता
ऊर्जा बाजार के जानकारों के मुताबिक कमर्शियल LPG की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ता दबाव है। मध्य-पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतों में उछाल देखने को मिला है।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। हालांकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है, लेकिन LPG की उपलब्धता अपेक्षाकृत सीमित रहने से आयात लागत बढ़ी है और इसका असर कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
पर्याप्त भंडार होने का सरकार का दावा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों को कम से कम 30 दिनों का LPG स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि देश में पेट्रोल, डीजल, LPG और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
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