बिहार के लोग पूछ रहे इस bridge (पुल) को बनाया ही क्यों? जाने पूरा मामला जी, बिहार के एक पुल की चर्चा इसके टूटने को लेकर नहीं बल्कि इसके बनाने को लेकर हो रही है। इस ब्रिज को बनाने के बाद लोग अब सवाल पूछ रहे हैं आखिर पुल बनाया ही क्यों? दरअसल बिहार के अररिया जिले में बने इस अनोखे पुल को देखकर सभी हैरान हैं। ग्रामीण अपना माथा पीट रहे हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि खेत के बीच में पुल क्यों बना दिया, जहां न सड़क है और ना एप्रोच रोड।
वहीं अब इस मामले में न्यूज़ 18 पर खबर चलने के बाद डीएम ने संज्ञान लिया है। डीएम ने इस पुल निर्माण की जांच कर इस पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं डीएम के आदेश के बाद अब अधिकारी इस अनोखे पुल निर्माण की जांच में जुट गए हैं। दरअसल बिहार में पुल गिरने की सुर्खियों के बीच एक अनोखे पुल निर्माण की नयी कहानी सामने आयी है। रानीगंज प्रखंड के परमानंदपुर गांव में बीच खेत में हीं लाखों रूपये की राशि से पुल का निर्माण कर दिया गया है। न सड़क और ना हीं एप्रोच पथ बीच खेत में हीं पक्का पुल बना दिया गया। यह पुल किस योजना से बनी है इसका बोर्ड तक नहीं लगाया गया है।
एप्रोच रोड और सड़क ही नहीं तो bridge का क्या करेंगे?
जानकारी के मुताबिक ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा पुल निर्माण की बात सामने आ रही है। अब ग्रामीण इस बात से हैरान और परेशान हैं कि bridge तक जाने के लिए दोनों तरफ जब सड़क हीं नहीं है तो भला ऐसे पुल का क्या करें? स्थानीय ग्रामीण सरकार के इस अनोखे पुल को देख माथा पीट रहे हैं। बता दें कि बीते 18 जून को अररिया के पड़रिया घाट पर बना पुल ध्वस्त हो गया था जिसके बाद पुल निर्माण पर बड़े सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे। स्थानीय ग्रामीण पृथ्वीचंद मंडल और जोगिंदर मंडल ने बताया कि यहां पर दुलारदेई नदी किसी जमाने में बहा करती थी लेकिन दुलरदेयी नदी अब विलुप्त हो चुकी है।
अब लोग पूछ रहे हैं पुल पर चढ़ा कैसे जाए?
ग्रामीणों के मुताबिक इस स्कूल को ग्रामीण कार्य विभाग में बनाया है जिसका ठेकेदार बिजली सिंह नाम का शख्स है। 4 महीने पहले इस पुल को कंप्लीट कर दिया गया। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि इस पुल पर बिना सड़क और एप्रोच पथ के भला कैसे चढ़ा जाए। लिहाजा यह पुल बेकार साबित हो रहा है। अररिया में बिना अप्रोच और सड़क के खेत के बीच अनोखे पुल मामले में डीएम ने संज्ञान लिया है। डीएम इनायत खान ने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही आज अधिकारियों की एक टीम को पुल वाले गांव में जांच के लिए भेजा है।
3 करोड़ की लागत से खेत में बना दिया पुल
डीएम ने कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही जिस स्तर पर नजर आएगी। उसके अनुसार सभी अधिकारी और कर्मियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। बता दें, अररिया के रानीगंज प्रखंड के परमानन्दपुर गांव में बिना सड़क और बिना एप्रोच पथ के हीं ग्रामीण कार्य विभाग ने खेत के बीचो बीच यह पुल बना दिया जो किसी काम की नहीं है। बताया जा रहा है कि सड़क समेत यह पुल करीब 3 करोड़ रूपये की योजना थी। बिहार के इस अनोखे पुल की चर्चा देश स्तर पर होने लगी है। पहले तो एक तरफ से बिहार के कई जिलों में अचानक पल भर भरा कर गिरने की तस्वीर सामने आ रही थी।
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