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बुलडोजर ऐक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा, जानें इस हफ्ते कोर्ट में क्या हुआ

बुलडोजर ऐक्शन पर सुप्रीम कोर्ट का हथौड़ा, जानें इस हफ्ते कोर्ट में क्या हुआ जी, हां शादी तोड़ने वाले को ब्रेकडाउन ऑफ मैरिज के आधार पर तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया। विकिपीडिया पर क्यों सख्त हुआ हाई कोर्ट? सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला। ‘अगर कोई दोषी भी है तो भी घर नहीं गिराया जा सकता। बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी। कलीजियम में पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी। इस सप्ताह यानी 02 सितंबर से 07 सितंबर 2024 तक क्या कुछ हुआ?

तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक और अहम फैसला सुनाया। अगर पति शादीशुदा जिदगी के ब्रेकडाउन के लिए अकेले जिम्मेदार है तो वह इस बात का लाभ लेकर तलाक की मांग नहीं कर सकता है। टूट के कगार पर पहुंच चुकी शादी, जहां सुधार की गुंजाइश न बची हो यानी अपरिवर्तनीय रूप से टूट चुकी शादी को ही Irretrievable breakdown of marriage कहते हैं। मौजूदा केस फैमिली कोर्ट से कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंचा। दो बार वहां से फैमिली कोर्ट लौटाने के बाद हाई कोर्ट ने तीसरी बार में फैसला सुनाया तो केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

विकिपीडिया से कोर्ट बोला, तो यहां आप काम न करें

फ्री इनसाइक्लोपीडिया साइट विकिपीडिया से गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि भारत में आपका बिजनेस बंद कर देंगे। सरकार से विकिपीडिया बंद करने के लिए कहेंगे। अगर आपको भारत पसंद नहीं, तो यहां काम न करें। एएनआई का आरोप है कि विकिपीडिया पर उसे केंद्र सरकार का प्रॉपगैंडा टूल बताया गया है। इसे हटाने की मांग के साथ 2 करोड़ रुपये का हर्जाना ANI ने मांगा है। 20 अगस्त को कोर्ट ने विकिपीडिया से पेज एडिट करने वाले 3 सब्सक्राइबर्स की जानकारी मांगी, जो नहीं दी गई। ANI ने अवमानना याचिका दायर की है। कोर्ट ने 25 अक्टूबर को विकिपीडिया के प्रतिनिधि को पेश होने को कहा है।

केजरीवाल की ज़मानत पर फैसला सुरक्षित

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को शराब नीति से जुड़े केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत और CBI गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई। केजरीवाल की अर्जी का विरोध करते हुए जांच एजेंसी CBI ने कहा, अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि किसी भी शख्स का मकान सिर्फ इसलिए कैसे ढहाया जा सकता है कि वह एक आरोपी है। अगर कोई दोषी भी हो, तब भी ऐसी कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अदालत ने कहा कि वह इस मुद्दे पर गाइडलाइंस तैयार करेगी जो पूरे देश में लागू होगे। इसके लिए सुझाव भी मांगे गए हैं। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने यह भी कहा कि अवैध निर्माण को सुरक्षा नहीं है, लेकिन अगर कोई अवैध निर्माण है भी तो उसे ढहाने की कार्रवाई एक नियम के तहत हो सकती है जो कानून में तय है।

कलीजियम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहनी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट कलीजियम से कहा है कि वह हाई कोर्ट के जज के तौर पर प्रमोशन के लिए दो सीनियर जिला जजों के नामों पर दोबारा विचार करे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस व्यक्तिगत तौर पर इस पर विचार नहीं कर सकते हैं, बल्कि इस पर कलीजियम द्वारा सामूहिक तौर पर गौर किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने जिला और सेशन कोर्ट के दो जजों की याचिका पर यह फैसला दिया है।

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