आपने इजरायल के आयरन डोम के बारे में खूब सुना होगा। इस एयर डिफेंस सिस्टम की फैन पूरी दुनिया है। मगर इजरायल के आयरन डोम में एक बहुत बड़ी कमी है। लेकिन इसी कमी का इलाज भारत ने ढूंढ निकाला है। भारत ने एक हथियार बनाया है। जिसने वो कर दिखाया है जो इजरायल का आयरन डोम नहीं कर पाया है। दरअसल, भारत ने एक ऐसा स्वदेशी आयरन डोम बनाया है। ऐसा माइक्रो मिसाइल सिस्टम जो काम तो आयरन डोम की तरह ही करेगा।
लेकिन आयरन डोम की तरह फिजूल खर्जी नहीं करेगा। छोटे रॉकेट, ड्रोन और यूएवी पर महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल करना कहीं से सही नहीं है। इसी का इलाज ढूंढते हुए भारत ने एक मिनट में 64 छोटी मिसाइल दागने वाला हथियार भार्गवास्त्र बना दिया है। भार्गवास्त्र के बार में आपको बताने से पहले ये बता देते है कि इजरायल के आयरन डोम की सबसे बड़ी कमी क्या है?
हमास के एक रॉकेट की कीमत 600 डॉलर होती है
दरअसल, हमास के आतंकी इजरायल पर छोटे रॉकेट या मिसाइल से हमला करते हैं। हमास के एक रॉकेट की कीमत 600 डॉलर होती है। लेकिन इस रॉकेट को रोकने के लिए आयरन डोम से चलने वाली तामिर मिसाइल 50 हजार डॉलर की है। कई बार तो एक ही रॉकेट को रोकने वाली दो तामिर मिसाइलें दागी जाती हैं। ऐसे में हमास तो इजरायल के ऊपर एक साथ हजारों रॉकेट दागता है। लेकिन इन रॉकेट को रोकने के लिए इजरायल को इतना पैसा खर्च करना पड़ता है।
छोटे हमलावर ड्रोन के लिए महंगी मिसाइलें इस्तेमाल करना न सिर्फ बेतुका, बल्कि फिजूलखर्ची भी होगी। इसलिए भारत ने छोटे ड्रोनों को एकसाथ नष्ट करने के लिए नया सिस्टम तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक, इसे ‘भार्गवास्त्र’ नाम दिया गया है, जो छोटे ड्रोनों से निपटने का सस्ता और प्रभावी तरीका है। इससे सेना के पैसे और संसाधन बचेंगे। भारत के इस पहले स्वदेशी माइक्रो-मिसाइल सिस्टम के टेस्ट इस हफ्ते गोपालपुर समुद्री फायरिंग रेंज मे हुए, जो सफल रहे। यह 6 किमी से भी ज्यादा दूर से उड़ने वाली छोटी मशीनों और ड्रोन का पता लगा सकता है। यह मोबाइल प्लैटफॉर्म एकसाथ 64 से ज्यादा माइक्रो मिसाइलें दाग सकता है।
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