रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर स्पष्ट किया कि यह किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि पूरी रणनीति के तहत रोका गया था। उन्होंने कहा कि भारत की क्षमता में कोई कमी नहीं आई थी और जरूरत पड़ती तो देश लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार था।
भारत की “Surge Capacity” पहले से मजबूत
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत की “surge capacity” यानी जरूरत पड़ने पर सैन्य ताकत बढ़ाने की क्षमता अब पहले से ज्यादा मजबूत हो चुकी है।
थल, जल और वायु सेनाओं के बेहतर तालमेल ने यह साबित किया कि भारत की सैन्य शक्ति अब एकीकृत और अधिक प्रभावी तरीके से काम कर रही है।
आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का आतंकवाद के खिलाफ रुख सख्त बना हुआ है।
सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम इसी नीति का हिस्सा हैं। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
और ब्रह्मोस से बढ़ी मारक क्षमता
इस ऑपरेशन में ब्रह्मोस मिसाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया, जिससे हमलों की सटीकता और ताकत में बड़ा सुधार हुआ।
हालांकि ऑपरेशन 72 घंटे में पूरा हुआ, लेकिन इसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी।
भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की पहचान सिर्फ आर्थिक या कूटनीतिक नहीं, बल्कि सैन्य ताकत के रूप में भी मजबूत हो रही है।
ऑपरेशन के बाद भारतीय रक्षा उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़ी है।
👉 वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात:
- ₹38,424 करोड़ तक पहुंचा
- पिछले साल के मुकाबले 62.66% की बढ़ोतरी
मुख्य बातें (Key Points)
- ऑपरेशन सिंदूर भारत की रणनीति के तहत रोका गया
- सेना की संयुक्त ताकत और बेहतर तालमेल सामने आया
- AI और ब्रह्मोस से बढ़ी सटीकता और मारक क्षमता
- आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस रुख कायम
- रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें



