HomeNationalभारत-न्यूज़ीलैंड के बीच बड़ा FTA, 100% एक्सपोर्ट अब ड्यूटी-फ्री!

भारत-न्यूज़ीलैंड के बीच बड़ा FTA, 100% एक्सपोर्ट अब ड्यूटी-फ्री!

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच एक महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देगा। इस समझौते के तहत भारत के सभी एक्सपोर्ट को न्यूज़ीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा। इस एग्रीमेंट पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के ट्रेड एवं इन्वेस्टमेंट मंत्री टॉड मैक्ले की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।


MSME और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

इस समझौते से भारत के लेबर-इंटेंसिव सेक्टर को सीधा फायदा होगा। इसमें शामिल हैं:

  • टेक्सटाइल और गारमेंट
  • लेदर और फुटवियर
  • जेम्स और ज्वेलरी
  • इंजीनियरिंग प्रोडक्ट
  • प्रोसेस्ड फूड

इन सेक्टर्स की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने से MSME सेक्टर मजबूत होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


निवेश और सर्विस सेक्टर में नए अवसर

सरकार के अनुसार यह FTA केवल ट्रेड तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लगभग 20 बिलियन डॉलर का निवेश (FDI) आने की संभावना है। इसके अलावा भारत को कई हाई-वैल्यू सर्विस सेक्टर में फायदा मिलेगा:

  • IT और ITES
  • प्रोफेशनल सर्विस
  • एजुकेशन
  • फाइनेंशियल सर्विस
  • टूरिज्म और कंस्ट्रक्शन

स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए खुलेंगे नए रास्ते

इस समझौते के तहत भारतीय स्किल्ड वर्कर्स को न्यूज़ीलैंड में काम करने का मौका मिलेगा।

  • 5,000 वीज़ा का कोटा
  • अधिकतम 3 साल तक रहने की अनुमति

यह कदम भारतीय युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।


भारत के लिए FTA के प्रमुख फायदे

  • सभी भारतीय उत्पादों पर जीरो ड्यूटी एक्सेस
  • औसत टैरिफ मात्र 2.3%
  • वाइन और स्पिरिट एक्सपोर्ट पर ड्यूटी-फ्री सुविधा
  • सर्विस सेक्टर में मजबूत उपस्थिति

न्यूज़ीलैंड को क्या मिलेगा फायदा

भारत ने भी न्यूज़ीलैंड को बाजार में बड़ी हिस्सेदारी दी है:

  • 70% टैरिफ लाइन पर मार्केट एक्सेस
  • 54.11% एक्सपोर्ट को तुरंत ड्यूटी-फ्री एंट्री

इनमें शामिल हैं:

  • भेड़ का मांस
  • ऊन
  • कोयला
  • लकड़ी और फॉरेस्ट प्रोडक्ट

इससे भारतीय बाजार में इन वस्तुओं के सस्ते होने की संभावना है।

कृषि और फूड सेक्टर में राहत

कुछ संवेदनशील उत्पादों पर नियंत्रित छूट दी गई है:

  • सेब, कीवीफ्रूट, मनुका शहद
  • मिल्क एल्ब्यूमिन

इन पर कोटा और मिनिमम इंपोर्ट प्राइस (MIP) लागू रहेगा।
वहीं, मसल्स और सैल्मन जैसे सीफूड आइटम पर 7 साल में ड्यूटी खत्म होगी।


लंबी अवधि में टैरिफ खत्म करने की योजना

  • आयरन और स्टील प्रोडक्ट पर 10 साल में टैरिफ खत्म
  • एवोकाडो और पर्सिमन पर भी धीरे-धीरे ड्यूटी समाप्त

यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार को संतुलित बनाए रखने के लिए उठाया गया है।


क्या है इस समझौते का बड़ा असर?

यह FTA भारत के लिए कई मायनों में गेम-चेंजर साबित हो सकता है:

  • एक्सपोर्ट में तेज़ी
  • निवेश में वृद्धि
  • रोजगार के नए अवसर
  • ग्लोबल मार्केट में भारत की मजबूत स्थिति

सरकार का मानना है कि यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत-न्यूज़ीलैंड आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।


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