कंबोडिया स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से थाईलैंड की सीमा से लगे क्षेत्रों की यात्रा से बचने का अनुरोध किया है। यह चेतावनी दोनों देशों के बीच बढ़ती सशस्त्र झड़पों और तनावपूर्ण हालात के मद्देनज़र दी गई है।
एडवाइजरी में बताया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संघर्ष बढ़ता जा रहा है, जिससे पूर्ण युद्ध की स्थिति बनने की आशंका है। भारतीयों से किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से तत्काल संपर्क करने का आग्रह भी किया गया है।
थाईलैंड में 20 से अधिक क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह
थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों को उबोन रत्चथानी, सुरिन, सिसाकेट, बुरीराम, चंथाबुरी और ट्रैट समेत 20 से अधिक संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। दोनों देशों में लगातार तीसरे दिन संघर्ष जारी है और राजनयिक स्तर पर भी तनातनी बढ़ रही है। दोनों पक्ष आत्मरक्षा की बात कह रहे हैं और एक-दूसरे से बातचीत की पहल की अपील कर रहे हैं।
बढ़ते तनाव ने लिया घातक रूप
बीते 13 वर्षों में यह सबसे भीषण झड़प मानी जा रही है, जिसमें अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 1.3 लाख से अधिक नागरिक विस्थापित हो चुके हैं। थाई नौसेना ने बताया कि तटीय प्रांत ट्राट में भी शनिवार सुबह नई झड़प हुई, जो विवादित सीमा से 100 किलोमीटर दूर है।
प्राचीन मंदिरों पर विवाद, सरकारें दबाव में
यह विवाद ता मोआन थॉम और प्रीह विहियर जैसे प्राचीन हिंदू मंदिरों के स्वामित्व को लेकर है। मई में हुई एक सैनिक की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। थाईलैंड की गठबंधन सरकार पर भी इस संकट का असर पड़ा है, जो अब अस्थिर होती दिख रही है। अगर आप थाईलैंड या कंबोडिया की यात्रा पर हैं या जाने की योजना बना रहे हैं, तो दूतावास की वेबसाइट या हेल्पलाइन से अपडेट लेते रहें।
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